उत्तराखंड चुनाव 2022: CM पुष्कर सिंह धामी बोले- चुनाव में हम जीत को लेकर हैं आश्वस्त
उत्तराखंड चुनाव 2022: CM पुष्कर सिंह धामी बोले- चुनाव में हम जीत को लेकर हैं आश्वस्त
देहरादून, 11 जनवरी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए हम तैयार थे, तैयार हैं और जीत के प्रति आश्वस्त भी। हम अपने कार्यों के आधार पर जनता से वोट मांगेंगे। भाजपा सरकार के साढ़े पांच साल और वर्ष 2014 से 2022 तक केंद्र सरकार की मदद से राज्य में हुए व चल रहे कार्यों को जनता के बीच रखेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने के अनुरूप इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने को हम प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2025 तक उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए जनता फिर से आशीर्वाद देगी।

चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार होगा काम: CM धामी
मुख्यमंत्री ने सोमवार शाम हरिद्वार रोड स्थित भाजपा के मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में उक्त बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पिछले वर्ष चार जुलाई को मुख्य सेवक की जिम्मेदारी संभाली। छह माह की अवधि में राज्यहित में जो प्रयास हो सकते थे, किए गए। एक-एक क्षण प्रदेश की सेवा में लगाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव विषम परिस्थिति में हो रहे हैं। एक तरफ कोरोना महामारी है और दूसरी तरफ राज्य का विषम भूगोल। चुनाव जरूरी है और लोकतंत्र के उत्सव में योगदान भी। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने से एक दिन पहले ही सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर 16 जनवरी तक सभी तरह के आयोजन प्रतिबंधित कर दिए थे। अब चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार काम किया जाएगा।
डबल इंजन के बूते राज्य में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं: CM पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन के बूते राज्य में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। केंद्र से एक लाख करोड़ से अधिक की योजनाएं मिली हैं। इनमें कई पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष में कार्य चल रहा है। इस क्रम में उन्होंने आल वेदर रोड, एयर कनेक्टिविटी समेत कई योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्य का विकास किया है, करती है और करेगी।
मुख्यमंत्री ने एक प्रश्न पर कहा कि पुलिस कर्मियों की ग्रेड पे मांग से सरकार भलीभांति वाकिफ हैं। पुलिस कार्मिकों को चार साल में जितना ग्रेड-पे मिलना था, उससे अधिक एकमुश्त दिया गया है। फिर भी कोई विषय है तो उसे देखा जाएगा। हमारी सहानुभूति पुलिस कार्मिकों व उनके परिवारों के साथ है।
एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न आयोगों समेत अन्य संस्थाओं में जिन पदों को भरने की अनिवार्यता थी, उन्हीं में नियुक्तियां की गई हैं। ये कोई दायित्व नहीं है। मुख्यमंत्री के पीआरओ की बहाली पर उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में कोई शिकायत न मिलने पर ऐसा किया गया।












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