मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बुद्व पूर्णिमा की बधाई, 1100 कन्याओं का पूजन, मूर्तियों का अनावरण किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डोल आश्रम पहुॅचकर श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने 1100 कन्याओं का पूजन करने के साथ ही नर-नारायण मूर्तियों का अनावरण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज डोल आश्रम पहुॅचकर श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने 1100 कन्याओं का पूजन करने के साथ ही नर-नारायण मूर्तियों का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने श्रीयंत्र में पूजा-अर्चना की और देश एवं प्रदेश की सुख समृद्वि की कामना की।
आश्रम में शान्ति, आध्यात्म और संस्कृति को जानने के लिए आयेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि परम पूज्य महाराज कल्याणदास जी ने एक साधक के रूप में पॉच दशकों तक लगातार साधना की और सम्पूर्ण भारत वर्ष के अन्दर अनेकों ऐसे प्रकंल्प खड़े किये जिनके माध्यम से सामान्य घर में पैदा होने वाले, गरीब घर में पैदा होने वाले लोगों के उत्थान का कार्य, शिक्षा देने का कार्य, स्वास्थ्य सुविधा देने का कार्य, एवं उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने इस आश्रम में जिस प्रकार से श्रीयंत्र स्थापित किया है आने वाले समय में केवल भारतवर्ष ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लोग इस आश्रम में शान्ति, आध्यात्म और संस्कृति को जानने के लिए आयेंगे।
बुद्व पूर्णिमा की बधाई दी
मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को बुद्व पूर्णिमा की बधाई दी और महात्मा बुद्व के धर्म, शान्ति एवं अंहिसा के मार्ग पर चलने को कहा। उन्होंने कहा कि बाबा जी की जो सोच है कि आने वाले समय पर यहॉ से पलायन पर रोक लगे और यहॉ के लोगों को यहीं पर कार्य करने का अवसर मिले, इस क्षेत्र में यह केन्द्र सभी के अन्दर कही न कही जागृति लाने और उस दिशा में प्रेरित करने का कार्य भी कर रहा है।
भूमि अतिक्रमण को भी समाप्त किया जायेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आश्रम जहॉ एक ओर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, वहीं युवाओं को भारतीय संस्कृति के बारे में शिक्षित करने का महान कार्य भी इसके माध्यम से हो रहा है। देवभूमि उत्तराखंड में जन्म लेना अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य है। यह आश्रम हमारी जो पुरानी सभ्यता, संस्कृति है उसकी जीती-जागती मिशाल है। यह साधना और आध्यात्म का एक भव्य और दिव्य केन्द्र है। हमारी सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि भूमि अतिक्रमण को भी समाप्त किया जायेगा तथा समान नागरिक संहिता को लागू किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यहॉ पर 03 नये पार्किग स्थल विकसित किये जायेंगे तथा आश्रम में जो संस्कृत विद्यालय संचालित किया जा रहा है उसका महाविद्यालय बनाने के लिए या विश्वविद्यालय बनाने का प्रयास किया जायेगा।












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