सीएम मनोहर ने कहा- सुशासन लाने का जो संकल्प लिया था, वह अब पूर्ण रूप से हो रहा साकार
चंडीगढ़, 15 जुलाई। हरियाणा सरकार और बीजेपी संगठन का सूरजकुंड में शुक्रवार से तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर में मिशन 2024 को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ चिंतन मंथन किया जायेगा । इस प्रशिक्षण शिविर शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रथम सत्र में बीजेपी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से सरकार के कार्यकलापों को लेकर चर्चा की और उन्हें संगठन को मजबूत करने के बारे में टिप्स दिए।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से इन 7 वर्षों में हरियाणा सरकार निरंतर जन कल्याण के कार्य करती आ रही है। हमारी सरकार ने 25 दिसंबर, 2014 को सुशासन अवसर पर हरियाणा में सुशासन लाने का जो संकल्प लिया था, वह आज पूर्ण रूप से साकार हो रहा है, क्योंकि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ समाज में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि इस का सबसे बड़ा उदाहरण हरियाणा में सरकारी भर्तियों में पर्ची-खर्ची के सिस्टम को खत्म कर केवल मेरिट के आधार पर योग्य उम्मीदवारों को नौकरियां मिली हैं।
मनोहर लाल ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान गरीब परिवारों के बच्चे सरकारी नौकरी में आने का केवल सपना ही देख पाते थे। उस समय नौकरी में आने के लिए पर्ची-खर्ची के सिस्टम का सहारा लेना पड़ता था, इसलिए युवाओं के सपने हमारे अधूरे रह गए। लेकिन हमारी सरकार ने सत्ता में आते ही पर्ची-खर्ची के सिस्टम को समाप्त किया। उसके बाद मर्जी यानी कई अधिकारी जो अपनी मनमर्जी के मुताबिक नौकरियों में सिफारिश करते थे, उसे भी समाप्त किया। भर्तियों में साक्षात्कार की प्रथा को खत्म कर मिशन मेरिट की शुरुआत की। अब केवल मेरिट के आधार पर ही सरकारी भर्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में सरकारी भर्तियां में किस तरह की गड़बड़ी चलती थी, वह सबको पता है। इतना ही नहीं, अधिकतर भर्तियां तो कोर्ट से रद्द हो गई, लेकिन हमारे कार्यकाल में एक भी सरकारी भर्ती कोर्ट से रद्द नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद सिस्टम में चल रहे भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए हमने ई-गवर्नेंस पर बल दिया। ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन का रास्ता तय करने के लिए हमने केवल विकासात्मक परियोजनाओं पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के कई कार्य किए। राज्य सरकार ने हर विभाग की योजनाओं और सेवाओं को ऑनलाइन माध्यम से देना सुनिश्चित किया। आज केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं व सेवाओं के तहत लाभार्थियों को दिए जाने वाले वित्तीय लाभ सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जा रहा है। इससे न केवल सिस्टम में पारदर्शिता आई बल्कि बिचौलिये भी खत्म हो गए। परिणामस्वरूप भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर राज्य सरकार ने 1200 करोड़ रुपये बचाये हैं।












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