भिवानी में नई जेल का सीएम खट्टर ने किया उद्घाटन, बंदियों की डाइट के लिए 10 करोड़
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भिवानी में आज नई जेल का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने नई जेल का निरीक्षण भी किया। इस दौरान सीएम मनोहर लाल ने बंदी और जेल कर्मचारियों के लिए करोड़ों रुपए की कई सौगातें दीं।
उन्होंने कर्मचारियों के लिए कपल केस सुविधा, बसों में फ्री पास की सुविधा देते हुए बंदियों की डाइट में 10 करोड़ रुपए तथा महीने में एक बार स्पेशल डाइट के लिए 1 करोड़ दिए।

बता दें कि भिवानी जेल का 12 एकड़ में 30 करोड़ रुपए की लागत से नया भवन बनाया गया है। जिसका सीएम मनोहर लाल ने उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ जेल मंत्री रणजीत चौटाला, कृषि मंत्री जेपी दलाल, सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह, विधायक घनश्याम सर्राफ व बिशंभर वाल्मीकि भी रहे। उद्घाटन के लिए जेल को आज दुल्हन की तरह सजाया गया था।
जेलों के बाहर सजार्थ आएं, सेवार्थ जाएं लिखना चाहिए
नई जेल के उद्घाटन के बाद सीएम मनोहरलाल ने जेल कर्मचारियों व बंदियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की। हालांकि उन्होंने कहा कि जेल का उद्घाटन कोई हर्ष का विषय नहीं। पर जेल का उद्देश्य जाने या अनजाने में गलती हुए इंसान को संस्कारी बनाना है। उन्होंने कहा कि जेलों के बाहर लिखना चाहिए कि सजार्थ आएं, सेवार्थ जाएं।
मनोहरलाल ने शिक्षक दिवस को याद करते हुए कहा कि जब किसी की जेल होती है तो परिजनों के साथ उसके शिक्षक को भी दुख होता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि गलती होने पर गलती मानने से आधा अपराध खत्म हो जाता है। इसके बाद सीएम मनोहर लाल ने घोषणाओं का पिटारा खोलते हुए सबसे पहले कहा कि हरियाणा की सभी जेल कर्मचारियों के लिए दिसंबर में ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन होगा।
जेल में टैली मेडिकल की सुविधा होगी उपलब्ध
उन्होंने कहा कि हर जेल में टैली मेडिकल की सुविधा उपलब्ध करवाएगी जाएगी। बंदियों का खाना अच्छा व पौष्टिक बनाने के लिए सीएम ने 10 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। साथ ही महीने में एक बार स्पेशल डाइट के लिए एक करोड़ रुपए अलग से देने की घोषणा की।
वहीं, सीएम मनोहरलाल ने जेल कर्मचारियों को कपल केस की सुविधा शुरू करने की सौगात देते हुए जेल कर्मचारियों को हरियाणा पुलिस की तर्ज पर बसों में फ्री आवागमन की सुविधा शुरू करने की बड़ी घोषणा की। अंत में उन्होंने हंसते हुए कहा कि जेलों में इतनी सुविधा भी न हो जाए कि यहां आने वाले का फिर वापस जाने का मन ही न करे।
1335 हुई बंदियों को रखने की क्षमता
बता दें कि नई जेल में बंदियों की क्षमता 774 की है, जिसमें महिला और पुरुष दोनों बंदी शामिल हैं। जेल विस्तारीकरण कार्य में नई जेल परिसर में पांच बैरक पुरुष बंदियों के लिए तथा एक बैरक महिला बंदियों के लिए बनाई गई है। एक पुरुष बैरक की क्षमता 126 की तथा महिला बैरक की क्षमता 114 की है। पहले पुरानी जेल में बंदियों की क्षमता 561 थी, जो अब कुल 1335 की हो गई है।












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