सीएम केसीआर ने पार्टी के झंडे का किया अनावरण, कहा-'अबकी बार, किसान सरकार'
KCR ने कार्यक्रम में मौजूद जनता दल (सिक्युलर) के प्रमुख एचडी कुमारस्वामी, अभिनेता प्रकाश राज और किसान संगठनों की मौजूदगी में चुनाव आयोग द्वारा दिए हुए पत्र पर हस्ताक्षर किए।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने शुक्रवार को अपनी पार्टी 'भारत राष्ट्र समिति' (BRS) की औपचारिक शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने पार्टी के नए झंडे का भी अनावरण किया। उन्होंने नारा दिया, 'अबकी बार किसान सरकार।' दरअसल, चुनाव आयोग ने उनकी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति का नाम 'भारत राष्ट्र समिति' (BRS) से बदलने की सहमति दे दी है। उसी सिलसिले में उन्होंने नई पार्टी की शुरुआत और उसके झंडे का अनावरण किया।
इस मौके पर पार्टी के सभी नेता और समर्थक तेलंगाना भवन के बाहर बैंड पर जमकर नाच रहे थे। इस मौके पर लंबाडा समुदाय की आदिवासी महिला के नृत्य ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उन्होंने अनोखी वेशभूषा और अनोखे आभूषण पहन रखे थे। गौरतलब है कि सरकार के इस कार्यक्रम की वजह से लोगों को काफी तकलीफ हुई। जगह-जगह ट्रैफिक जाम लगा और गाड़ियां रेंगती रहीं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने झंडे का अनावरण शुभ मुहुर्त यानी दोपहर 1:20 बजे पर किया।
जनता दल (सिक्युलर) के साथ गठबंधन की घोषणा
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद जनता दल (सिक्युलर) के प्रमुख एचडी कुमारस्वामी, अभिनेता प्रकाश राज और किसान संगठनों की मौजूदगी में चुनाव आयोग द्वारा दिए हुए पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर उन्होंने जनता दल (सिक्युलर) के साथ अपने गठबंधन की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बीआरएस अपना पहला चुनाव अगले साल कर्नाटक में लड़ेगी।
जनता अवसर देगी तो पूरे देश को देंगे सुविधाएं
इस मौके पर मुख्यमंत्री राव ने कहा, अगर भारत की जनता उन्हें अवसर देती है तो उनकी पार्टी बीआरएस तेलंगाना मॉडल को पूरे देश में लागू करेगी। हमारी पार्टी दो साल के अंदर पूरे देश में गांव-गांव तक बिना किसी रुकावट के बिजली देगी। हम हर साल 25 लाख परिवारों को दलित बंधु योजना के तहत आर्थिक सहायता देंगे। लोकतंत्र का मतलब यही है कि जनता जीते, न कि राजनीतिक दल।
दलित, बहुजन और कमजोर वर्गों का उत्थान होना चाहिए- सीएम
मुख्यमंत्री राव ने कहा कि भारत वैसे तो प्राकृतिक संसाधनों से पूर्ण है, लेकिन उसके बावजूद राज्य पानी के लिए आपस में लड़ते हैं। ये शर्मनाक स्थिति है कि संसाधनों के भंडार भरे होने के बावजूद किसान निम्न स्तर का जीवन जी रहे हैं। इस देश की सत्ता पर राज करने वाले महिलाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों को विकास का लाभ नहीं दे सके। सरकार तानाशाह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दलित, बहुजन और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए काम होना चाहिए।
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