'महजनों से लिया गया कर्ज अब नहीं करना होगा वापस', आदिवासी कार्यक्रम में बोले सीएम सोरेन

'महजनों से लिया गया कर्ज अब नहीं करना होगा वापस', आदिवासी कार्यक्रम में बोले सीएम सोरेन

रांची, 10 अगस्त: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि महजनों से लिया गया कर्ज अब उन्हें वापस नहीं करना होगा। अगर इसकी वसूली होती है महजनों पर कार्रवाई की जाएगी। ये बातें उन्होंने रांची में विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम जनजातीय महोत्सव में कही। इस मौके पर उन्होंने केंद्र सरकार से विश्व आदिवासी दिवस को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की। बता दें कि राजधानी के मोरहाबादी मैदान में आयोजित दो दिवसीय समारोह का उद्घाटन राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन और सीएम हेमंत सोरेन ने मंगलवार को किया। मौके पर सीएम हेमंत सोरेन ने आदिवासी समाज के लिए कई घोषणाएं की।

CM Hemant Soren made a big announcement in tribal program

आदिवासी दिवस को सार्वजनिक अवकाश घोषित करे केंद्र
इस अवसर पर सीएम ने आगे कहा कि आदिवासी समाज को विवाह या मृत्यु होने पर होनेवाले सामूहिक भोज के लिए 100 किलो चावल और 10 किलो दाल राज्य सरकार देगी। उन्होंने हर साल जनजातीय महोत्सव आयोजित करने की घोषणा की। साथ ही केंद्र सरकार से विश्व आदिवासी दिवस को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की। सीएम ने कहा कि वन अधिकार के जो पट्टे खारिज किये गये थे, उसका फिर से रिव्यू होगा और तीन महीने में इसे पूरा किया जायेगा।

आदिवासी बचेंगे, तो जमीन और जंगल बचेंगे
सीएम ने कहा कि वन बचाओ-जंगल बचाओ की बात होती है, लेकिन आदिवासी बचाओ की बात कोई नहीं करता। आदिवासी को बचा लो, तो जंगल भी बच जायेगा और जमीन भी बच जायेगी। जानवर भी बच जायेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड में भाषा के विकास के लिए हम भाषाई शिक्षक की बहाली करेंगे।

आम जन तक पहुंचे आदिवासी विकास की मूल भाषा व भावना
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है कि हमारी हर चीज आम जन तक चलती रहे। आदिवासी समाज के लोग अपनी भाषा और सामाजिक नीति-नियम के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि सामाजिक चेतना बनी रहे और लोगों तक आदिवासी विकास की मूल भाषा और भावना पहुंचती रहे।

आदिवासी समाज के उत्थान के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई है और लोगों तक यह बात पहुंचे, इसके लिए आप सभी लोगों को एकजुट होकर काम करना है। ओड़िशा में अपनी भाषा के लिए लिपि और व्याकरण बन रहा है और यह चीज हमारे विकास के लिए काफी अहम है। इसके पूर्व स्वागत भाषण आदिवासी कल्याण विभाग के सचिव केके सोन ने दिया। कार्यक्रम में मंत्री चंपई सोरेन, जोबा मांझी, जगरनाथ महतो, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, सीएम के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का और सचिव विनय चौबे भी उपस्थित थे।

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