मुख्यमंत्री मनोहर लाल बोले- शिकायतों का किया जाएगा निपटान
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि परिवार पहचान पत्र के तहत आय सत्यापन से संबंधित प्राप्त नागरिकों की शिकायतों का आगामी 2 माह में निपटारा कर दिया जाएगा।
इसके लिए अतिरिक्त जिला उपायुक्तों (एडीसी) को ओवरराइडिंग पॉवर दी गई है कि वे दस्तावेजों के आधार पर आय को सत्यापित करके पीपीपी में दर्ज आय को अपडेट कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल, जो हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण (एचपीपीए) के चेयरमैन भी हैं, आज यहां प्राधिकरण की 5वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मनोहर लाल ने अधिकारी को निर्देश दिये कि पीपीसी से संबंधित डाटा अपडेशन के लिए अतिरिक्त जिला उपायुक्त सहित संबंधित हितधारकों की एक संयुक्त ट्रेनिंग कराई जाए ताकि डाटा अपडेशन का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि राज्य में अब तक 67 लाख से अधिक परिवार पीपीपी के साथ पंजीकृत हैं और सत्यापन, सुधार मॉड्यूल, शिकायत निवारण आदि की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विभिन्न विकल्प बनाए गए हैं ताकि आवेदक को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार पहचान पत्र हरियाणा सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है और हरियाणा पहला प्रदेश है जिसने इस प्रकार की अनूठी पहल शुरू की है। इससे सरकार की 500 से अधिक योजनाओं व सेवाओं जैसे राशन कार्ड, पेंशन, चिरायु हरियाणा, ई-फर्द, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र इत्यादि का लाभ नागरिकों को उनके घर द्वार पर मिल रहा है और उन्हें पहले की तरह सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।
मनोहर लाल ने बताया कि पीपीपी से संबंधित नागरिकों की शिकायतों के निपटान के लिए भी समुचित व्यवस्था बनाई गई है। अभी तक 8 लाख 64 हजार शिकायतों प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 8 लाख 18 हजार से अधिक शिकायतों का निपटान किया जा चुका है। इसके अलावा, अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतकर्ता से फीडबैक लिया जाए कि वे शिकायतों के समाधान से कितना संतुष्ट हैं।
एक अन्य प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने जन कल्याण के लिए नई-नई पहल करते हुए अनेक योजनाएं बनाई हैं, जिनका लाभ आज जनता को हो रहा है। व्यवस्था परिवर्तन आसान नहीं होता, लेकिन अनुभवों के आधार पर नई पहलों की स्वीकार्यता बढ़ती है। आज प्रदेश के नागरिकों को सुविधाजनक तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। लेकिन विपक्ष के लोग कहते हैं कि जब हम आएंगे, तो पीपीपी खत्म कर देंगे, पोर्टल खत्म कर देंगे, मैरिट-वैरिट फाड़ देंगे। जितना विपक्ष हमारी नीतियों का विरोध करेंगे, उतना हमें लाभ होगा और जनता उन्हें जवाब देगी।
विपक्ष द्वारा महागठबंधन बनाने के विषय पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में इस प्रकार की बातें चलती रहती हैं। एक समय होता था, जब कांग्रेस का मतलब शासन और शासन का मतलब कांग्रेस होता था। लेकिन जब उन्होंने आपातकाल लागू किया, उसके बाद जन-जागरण हुआ। जिसके बाद पहली बार कांग्रेस की सरकार बदली और जनता को समझ आया कि वोट में कितनी ताकत है। जनता सब जानती है, उन्हें सही और गलत की पहचान है, जनता अपने विवेक से निर्णय लेती है।












Click it and Unblock the Notifications