मुख्यमंत्री खट्टर बोले- हरियाणा में हम अति गरीब परिवारों की आमदनी बढ़ाएंगे

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री ने कहा कि, डॉ. मंगल सैन की कर्मभूमि पर मेरा भी सामाजिक कार्य यहीं से शुरू हुआ। यह मेरा सौभाग्य है। उनकी जयंती 27 अक्तूबर को मनाई जाती है। इसी दिन एमडीयू में उनकी जयंती पर डॉ. मंगल सैन पीठ का गठन किया गया। पीठ यदि स्थापित करानी है तो इसका खर्च विवि पर नहीं पड़ना चाहिए। देश के महान लोगों के नाम पर पीठ शुरू करानी है तो उनके समर्थकों को पीठ का खर्च जमा कराना चाहिए।

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पीठ का सालभर का करीब 20-25 लाख रुपये खर्च आता है। यही नियम विश्वविद्यालयों पर भी लागू होता है। विवि के पूर्व विद्यार्थियों को इसकी जिम्मेदारी उठानी चाहिए। विवि के करीब एक लाख विद्यार्थी 10 हजार रुपये सालाना भी जमा कराएं तो सौ करोड़ की राशि बनती है। यूके, कनाडा में कुछ यही होता है। विवि व शोध पीठ चलाने का आर्थिक गणित वीरवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिया। वे एमडीयू के डॉ. राधाकृष्णन सभागार में डॉ. मंगल सैन की 31वीं पुण्यतिथि पर 'डॉ. मंगल सैन : सैद्धांतिक राजनीति के पथिक' पुस्तक का विमोचन करने पहुंचे थे।

सीएम ने कहा कि शोध पीठों में शोध होनी चाहिए। शोध पीठ का खर्च इन महान लोगों के समर्थकों व उनके प्रेमियों को वहन करना चाहिए। इससे विवि पर अतिरिक्त भार नहीं आएगा। विदेशों में तो विवि भी पूर्व विद्यार्थी ही चलाते हैं। वहां दो सौ साल पुराने विवि सरकार से एक पैसे का बजट नहीं लेते हैं। एलुमनाई का जीवन शिक्षण कार्य के बाद ही शुरू होता है। इसके व्यवसाय, उद्योग लगाना शामिल हैं। वे हर साल अपना योगदान संस्था के लिए करते हैं। यह काम हमने शुरू कराया है। कुछ विवि में एलुमनाई मीट यानी पूर्व छात्र मिलन समारोह शुरू कराए हैं। एमडीयू की स्थापना 1976 में हुई थी। इसे 45 वर्ष हो गए हैं। हम यहां से हर वर्ष 2000 विद्यार्थियों के पढ़कर निकलने का भी अनुमान लगाए तो विवि से अब तक करीब एक लाख विद्यार्थी पढ़कर निकल चुके हैं। ये विद्यार्थी साल में एक बार दस हजार रुपये भी दें तो विवि को 100 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। हम 20 हजार के हिसाब से 200 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं।

प्रदेश में 22 मेडिकल कॉलेज होंगे
कुरुक्षेत्र के पूर्व छात्रों से बात की है। वहां के छात्रों ने तय किया है कि एक साल का समय दे दो, इसके बाद सरकार से एक पैसा विवि नहीं लेगा। हम शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं का खूब विस्तार कर सकते हैं। सरकार ने कहा था कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज शुरू करेंगे। अब तक 19 कॉलेज तय हो चुके हैं। इनमें से कुछ का निर्माण चल रहा है। जल्दी ही तीन और कॉलेज शुरू किए जाएंगे। प्रदेश में 22 मेडिकल कॉलेज होंगे।

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एक लाख से कम आय वाले परिवारों का बढ़ाएंगे कौशल
उन्होंने कहा कि सामान्य जन व उनके रोजगार की भी चिंता की है। इसके तहत किसी परिवार की आमदनी कितनी है, इसे कैसे बढ़ाया जाए, यह का चरणबद्ध तरीके से होगा। पहले चरण में एक लाख रुपये सालाना से कम आय वाले परिवारों को लेंगे। इनकी आय बढ़ाकर दो लाख रुपये सालाना कैसे करें। इसके लिए इनके शिविर लगाने शुरू कर दिए गए हैं। जिले में करीब 12 शिविर लग चुके हैं। खंड स्तर पर एक शिविर लगेगा। हरियाणा में 25 दिसंबर तक ये शिविर लग जाएंगे। इसमें लोगों की काउंसिलिंग की जाएगी। हमें गरीब की चिंता करनी है। अंत्योदय। अंतिम का उदय। सामान्य लोग अपना गुजारा कर रहा है। जिनकी आय एक लाख रुपये या इससे कम है, उसके लिए दवा, रोटी व दूसरे खर्च निकालना मुश्किल है। हर परिवार को कौशल देकर आगे बढ़ाएंगे।

डॉ. मंगल सैन के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाने के प्रयास प्रेरणादायी: अरविंद शर्मा
सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने डॉ. मंगल सैन को ईमानदारी व सादगी की मिसाल बताते हुए कहा कि उनका सेवाभाव व अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाने के प्रयास प्रेरणादायी हैं। पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने डॉ. मंगल सेन के संघर्षशील व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उनके सेवा संकल्प को सरकार ने सबका साथ, सबका विकास नीति से साकार किया है।
एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के गठन व नामकरण में डॉ. मंगल सैन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके दर्शन, विचारधारा व सामाजिक योगदान को जन-मानस तक पहुंचाने के लए डॉ. मंगल सैन शोध पीठ के जरिये कार्य किया जा रहा है। खेल क्षेत्र में एमडीयू की उपलब्धियां हैं। विश्वविद्यालय में खेल गतिविधियों व खेल सुविधाओं के विस्तारण का समग्र प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. मंगल सैन शोध पीठ की निदेशक प्रो. लवलीन मोहन ने पीठ की गतिविधियों व उपलब्धियों का ब्योरा दिया। आभार प्रदर्शन रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन लाल तनेजा ने किया। मंच संचालन संस्कृत विभाग के प्राध्यापक डॉ. रवि प्रभात ने किया। समन्वयन डॉ. मंगल सेन शोध पीठ के सलाहकार सोमनाथ शर्मा ने किया। इस मौके पर मेयर मनमोहन गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, विश्वविद्यालय संकाय के डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, कर्मचारी, डॉ. मंगल सैन के सहयोगी व प्रबुद्ध जन मौजूद रहे।

कबड्डी हॉल का शिलान्यास, बैडमिंटन हॉल का उद्घाटन किया
सीएम ने पुस्तक के विमोचन से पहले एमडीयू के खेल परिसर में तीन करोड़ की लागत से बनने वाले आधुनिक कबड्डी हॉल का शिलान्यास किया। इसके अलावा 5 करोड़ रुपये से नवीनीकरण किए गए बैडमिंटन हॉल का उद्घाटन किया। यहीं खेल निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह ढुल के साथ अर्जुन अवॉर्डी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।

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