तेलंगाना विधानसभा चुनाव में भाजपा "सनातन धर्म विवाद" को लेकर विपक्ष को घेरने की कर रही तैयारी
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 अब नजदीक है और भातरीय जनता पार्टी जो इस चुनाव में बने रहने के लिए संघर्ष कर रही है। तेलंगाना में अब उदायनिधि स्टानिल की सनातन धर्म वाली विवादस्पद टिप्पणी को लेकर विपक्ष को घेरने की योजना बनाई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने हाल ही में पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए बीआरएस, कांग्रेस और एआईएमआईएम को सनातन धर्म विरोधी पार्टियों के रूप में पेश करने को कहा था।

सनातन धर्म को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करें
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने हाल ही में पार्टी पदाधिकारियों को सं बीआरएस, कांग्रेस और एआईएमआईएम को सनातन धर्म विरोधी पार्टियों के रूप में पेश करने और विपक्ष को निशाना बनाने के लिए सनातन धर्म को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करने को कहा था।
हिंदुत्व के नाम पर लोगों को एकजुट करें
इसके अलावा भाजपा नेताओं को हिंदुत्व के नाम पर लोगों को एकजुट करने और हिंदू धर्म को बचाने के लिए सभी को साथ लाने के लिए कहा था।
विश्लेषकों के अनुसार ये कदम प्रतिकूल साबित होगा
वहीं इस बारे राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भाजपा के लिए प्रतिकूल साबित होगा क्योंकि दलित समुदाय और ओबीसी जिनके लिए जातिगत भेदभाव एक वास्तविकता रही है वो भाजपा से दूरी बना लेंगे।
चुनावों पर पड़ेगा असर
पिछले दो लोकसभा चुनावों में भाजपा की जीत का श्रेय ओबीसी और दलित समुदायों के एक बड़े हिस्से को अपने पक्ष में करने की पार्टी की सफल कोशिशों को माना जाता है, और अगर उसने तेलंगाना में आगामी चुनावों में सनातन धर्म को मुद्दा बनाने की कोशिश की, तो यह और बढ़ सकता है। आगामी विधानसभा चुनावों में इसकी संभावनाओं पर असर पड़ेगा।












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