अमरावती रिंग रोड मामला: TDP महासचिव नारा लोकेश ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
आंध्र प्रदेश में टीडीपी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। तेलगु देशम पार्टी के चीफ एन चंद्रबाबू नायडू अभी कौशल विकास निगम घोटाला मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं अब आंध्र प्रदेश पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अमरावती रिंग रोड मामला टीडीपी महासचिव नारा लोकेश को आरोपी बनाया है। ऐसे में उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
अमरावती इनर रिंग रोड मामले में सीआईडी ने इस हफ्ते मंगलवार (26 सितंबर) को विजयवाड़ा एसीबी कोर्ट में एक मेमो दायर किया था। जिसमें टीडीपी नेता लोकेश भी आरोपियों की लिस्ट में है। मामले में वे 14वें आरोपी के रूप में नामित किए गए हैं।

वहीं टीडीपी चीफ एन चंद्रबाबू नायडू कौशल विकास निगम घोटाले में न्यायिक हिरासत में हैं। सीआईडी ने पहले ही नायडू को अमरावती इनर रिंग रोड मामले और एपी फाइबरनेट मामले में आरोपी के रूप में नामित किया है। विजयवाड़ा एसीबी कोर्ट में उनके खिलाफ कैदी ट्रांजिट (PT) वारंट याचिका दायर की है। वहीं इन दोनों मामलों में जमानत के लिए चंद्रबाबू नायडू पहले ही अग्रिम जमानत के लिए नायडू पहले ही हाई कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं।
मई 2022 में दर्ज हुआ था मामला
आंध्र प्रदेश पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इनर रिंग रोड मामला मई 2022 में एसीबी कोर्ट में दर्ज किया था। मामले में नायडू के अलावा पूर्व नगरपालिका प्रशासन मंत्री डॉ. पी. नारायण, हेरिटेज फूड्स लिमिटेड और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब उनके बेटे व टीडीपी महासचिव नारा लोकेश को भी आरोपी बनाया गया है।
वाईएसआर कांग्रेस विधायक ने की शिकायत
एन सी नायडू व अन्य के खिलाम मामले में एफआईआर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मंगलगिरी विधायक ए. राम कृष्ण रेड्डी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। जिसमें आंध्र प्रदेश की राजधानी के लिए मास्टर प्लान के डिजाइन और रिंग रोड के संरेखण के संबंध में 2014 और 2019 के बीच उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों द्वारा कुछ व्यक्तियों को गलत लाभ पहुंचाने के लिए कुछ अवैध और भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था।
बता दें कि हेरिटेज फूड्स चंद्रबाबू नायडू के परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी है। वाईएसआरसी ने एन सी नायडू पर राज्य की राजधानी अमरावती के विकास में भूमि अधिग्रहण और अन्य पहलुओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया था। सीआईडी पहले ही कह चुकी है कि वह तीनों घोटालों में नारा लोकेश की भूमिका की जांच कर रही है। ये घोटाले कथित तौर पर तब हुए थे जब चंद्रबाबू नायडू मुख्यंमंत्री और नारा लोकेश को उनकी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।












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