ओडिशा में आईटी की छापेमारी के बाद क्या गंजम में 'अवैध' शराब कारोबार पर कसेगा शिकंजा?
पश्चिमी ओडिशा में आयकर विभाग द्वारा बलदेव साहू एंड संस की डिस्टिलरी पर छापेमारी में लगभग 350 करोड़ की नगदी बरामद हुई है। आईटी विभाग की इस छापेमारी ने ओडिशा में फल-फूल रहे अवैध शराब के कारोबार की पोल खोल कर रख दी। पश्चिमी ओडिशा में छापेमारी के बाद क्या अब ये सवाल उठ रहा है कि गंजम में 'अवैध' शराब कारोबार पर ध्यान केंद्रित होगा?

इस छापेमारी के बाद लोगों ने ये सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि क्या आयकर विभाग अपनी छापेमारी केवल पश्चिमी ओडिशा तक ही सीमित रखेगा, अब तक अन्य हिस्सों में छापेमारी क्यों नहीं शुरू हो रही है जहां अवैध शराब का कारोबार कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है।
बता दें बलदेव साहू एंड संस की डिस्टिलरी से आईटी विभाग की छापेमारी में भारी मात्रा में मिले नगदी के बाद से मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के गृह जनपद गंजम में अवैध शराब के कारोबार के खतरनाक प्रसार होने का दावा किया जा रहा है।
आरोप है कि शराब कारोबारी राजनीतिक नेताओं के चुनाव प्रचार के लिए फंडिंग कर रहे हैं. कई लोगों ने जिले में शराब माफियाओं पर छापेमारी के लिए दबाव बनाया है।
रिपोर्टों के अनुसार गंजम के खलीकोटे के गांवों में अवैध देशी शराब बनाना और व्यापार बड़े पैमाने पर किया गया है। वर्षों से सैकड़ों देशी शराब बनाने वाली इकाइयां अवैध रूप से चलाई जा रही हैं, जबकि लाइसेंस प्राप्त शराब इकाइयां भी साल-दर-साल उन्हीं लोगों द्वारा चलाई जा रही हैं।












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