अडानी मुद्दे पर दिल्ली, चंडीगढ़ समेत AAP का 4 राज्यों में विरोध, मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
अडानी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी लगातार केंद्र सरकार को घेरने में जुटी है। रविवार को काई राज्यों में आम आदमी पार्टी ने विरोध जताया।

गौतम अडानी के नेतृत्व वाले ग्रुप के खिलाफ वित्तीय आरोपों की JPC जांच की मांग को लेकर AAP कार्यकर्ताओं के एक ग्रुप ने राजधानी दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने कहा कि विभिन्न दलों के सदस्यों वाली एक संयुक्त संसदीय समिति को मामले की जांच करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री पर गौतम अडानी का पक्ष लेने का आरोप लगाया
आम आदमी पार्टी (AAP) ने रविवार को अरबपति गौतम अडानी (Gautam Adani) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ राजधानी दिल्ली, श्रीनगर, चंडीगढ़ और कोलकाता सहित देश भर में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया। AAP ने जम्मू में BJP कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अडानी को सभी संसाधनों से मदद की और उन्हें दुनिया का दूसरा सबसे अमीर व्यक्ति बना दिया।
गौतम अडानी के नेतृत्व वाले ग्रुप के खिलाफ वित्तीय आरोपों की जेपीसी जांच की मांग को लेकर AAP कार्यकर्ताओं के एक ग्रुप ने कोलकाता में भी प्रदर्शन किया। इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने राजधानी दिल्ली स्थित मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने पीटीआई से कहा कि विभिन्न दलों के सदस्यों वाली एक संयुक्त संसदीय समिति को मामले की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "बीजेपी जांच से भाग रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ही एक मात्र नेता हैं जो किसी भी जांच से नहीं डरते।"
चंडीगढ़ पुलिस ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बीजेपी कार्यालय की ओर बढ़ने से रोकने के लिए उन पर पानी की बौछार की। वे चंडीगढ़ के सेक्टर 37 में बीजेपी की पंजाब इकाई के कार्यालय का घेराव करना चाहते थे। वहीं जलालाबाद निर्वाचन क्षेत्र से आप विधायक जगदीप कंबोज ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह सभी मोर्चों पर विफल रही है। बाद में पुलिस ने आप के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
अमेरिका की वित्तीय रिसर्च कंपनी 'हिंडनबर्ग रिसर्च' द्वारा कारोबारी गौतम अडानी के नेतृत्व वाले ग्रुप पर शेयर के मूल्यों में हेरफेर करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विपक्षी दल इस विषय की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। अडानी ग्रुप ने आरोपों को झूठ बताया है। वहीं, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट एक घोटाला है जिसमें आम लोगों का पैसा शामिल है। क्योंकि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने उनमें (अडानी ग्रुप में) निवेश किया है।












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