मंदिर के पुजारियों को सैलरी देने वाली पहली गवर्नमेंट होगी दिल्ली सरकार, AAP ने केंद्र से की एक्ट बनाने की मांग
दिल्ली सरकार से विधानसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से मांग की गई कि पुजारियों सैलरी मिलनी चाहिए। लेकिन जिस तरह वक्फ बोर्ड का एक्ट बनाया गया है उसी तरह एक्ट मंदिरों और पुजारियों के लिए बनाया जाए।
दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में आप विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने केंद्र सरकार से वक्फ बोर्ड की तर्ज पर मंदिरों और पुजारियों के सैलरी देने के लिए कानून बनाने की मांग की है। आप विधायक ने कहा, जब बीजेपी केजरीवाल सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से घबराती है तो आरोप लगाती है कि पुजारियों को सैलरी क्यों नहीं मिलती है. उन्हें बिल्कुल सैलरी मिलनी चाहिए, लेकिन जिस तरह वक्फ बोर्ड का एक्ट बनाया गया है उसी तरह एक्ट मंदिरों और पुजारियों के लिए बनाया जाए।
केंद्र से एक्ट बनाने की मांग
आप विधायक ने अगर एक्ट बनता है तो उसे सबसे पहले हमारी सरकार दिल्ली में लागू करेंगी। बीजेपी बताए कि उनके द्वारा शासित किस राज्य में पुजारियों को सैलरी दी गई है. बता दें कि बुधवार को दिल्ली विधानसभा विशेष सत्र के पहले दिन सदन में विभिन्न मसलों पर चर्चा हुई। आप के नेताओं ने सदन में आरोप लगाया कि दिल्ली सेवा कानून लाकर केंद्र सरकार ने दिल्ली की जनता के अधिकारों को छीना है. दिल्ली में नौकरशाही के जरिए बीजेपी के नेता विकास के कार्यों का बाधित कर रहे हैं। वहीं बीजेपी के विधायक ने दिल्ली जल बोर्ड में घोटाला, सीएम आवास विवाद, डीटीसी की चरमराती व्यवस्था और दिल्ली में विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाया।

बीजेपी ने भी उठाया था मुद्दा
दिल्ली विधानसभा विशेष सत्र के दूसरे दिन भी बीजेपी और आप के बीच अलग-अलग मुद्दों को सदन में हंगामा हो रहा है। बता दें कि, कुछ महीनों पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर पुजारियों ने वक्फ बोर्ड की तरह सैलरी की मांग को लेकर धरना किया था। पुजारियों ने कहा था कि दिल्ली सरकार जब तक पुजारियों को सैलरी नहीं देगी और सनातन धर्म की रक्षा के लिए काम नहीं करेगी. उस समय दिल्ली में हुए एमसीडी चुनावों के दौरान बीजेपी ने भी इसे मुद्दा बनाया था।












Click it and Unblock the Notifications