'सरकार आपके द्वार' प्रोग्राम के तहत हुई 3 कैबिनेट बैठक, सरकार ने लोगों में जाकर किया फैसला: हरपाल चीमा

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने और भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार के एक बड़े फैसले के तहत 'सरकार आपके द्वार' प्रोग्राम के चलते तीन महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठकें पंजाब के अलग-आग शहरों में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में की गईं।

पहली मीटिंग लुधियाना, दूसरी मीटिंग जालंधर और तीसरी मीटिंग हाल ही में मानसा में हुई। हमारा मुख्य मकसद ये था कि सरकार लोगों में जाकर फैसले करे। उन्होंने कहा कि पहली सरकारें चंडीगढ़ में जा कर फैसले करती थीं और लोगों की दुख-तकलीफें नहीं सुनती थीं।

हरपाल चीमा

उन्होंने कहा कि जालंधर में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान सरकार ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके बारे में मौके पर विचार चर्चा हुई व कुछ का मौके पर ही हल भी किया गया। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को डी.सी. और मंत्रियों को मिलने के लिए आना पड़ता था लेकिन अब हमारी सरकार लोगों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि आखिरी दो बैठकों में लोगों को भी निमंत्रण दिया गया था और लोगों ने भी इस दौरान बढ़-चढ़ कर भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा यह एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। पुलिस डिपार्टमेंट, सिंचाई डिपार्टमेंट और तहसील के अंदर सभी लोगों के कार्य समय पर पूरे होंगे व किसी के साथ की भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासन की जवाबदेही और भी मज़बूत हुई है। फाइल प्रोसेसिंग की टाइमिंग को कम किया जायेगा और जल्द ही लोगों के अटके हुए काम मुकम्मल होंगे।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के मुकम्मल विकास के लिए एक विशेष दस्तावेज़ 'पंजाब विज़न डॉक्यूमेंट' तैयार किया जायेगा। साल 2030 से 2047 तक प्रदेश में कैसे विकास होगा और साल 2030 में विकास दर साढ़े 7 प्रतिशत और साल 2047 तक 10 प्रतिशत विकास दर का लक्ष्य रखा गया है। पंजाब में दरपेश समस्याएं हल की जाएंगी और रोज़गार के साधन क्या होंगे, औद्योगिक विकास, खेतीबाड़ी विकास इस दस्तावेज़ का हिस्सा होंगे ताकि पंजाब को 'रंगला पंजाब' बनाया जा सके। इस दौरान उन्होंने गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित पर भी निशाना साधा और कहा कि गवर्नर अपनी गरिमा बना कर रखें। उनका कहना है कि गैर भाजपा राज्यों को परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मानसा ज़िले में हुई मीटिंग के दौरान मीडिया के कुछ सेक्शन ने गलत तथ्य पेश किये कि हमारे मंत्रियों ने किसी के मुलाकात नहीं की। जबकि हमने 23 जत्थेबंदियों के नुमाइंदों से मिल कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनका समाधान करने का प्रयास किया। वहीं उन्होंने 15,000 अध्यापकों को कंफर्ट ज़ोन में लाकर पक्के करने के सरकार के बड़े फैसले का भी ज़िक्र किया। विरोधी सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अन्य सरकारों के कार्यकाल में ये फैसला किसी ने नहीं लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर भी निशाना साधा और कहा कि RDF के पैसे को लेकर सरकार का कोई भी स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। पेट्रोल-डीज़ल के बढ़े दामों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि समय-समय पर टैक्स बढ़ाने पड़ते हैं और अन्य राज्यों के मुकाबले पंजाब में तेल के दाम अभी भी कम हैं।

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