Vijaya Ekadashi 2026: विजया एकादशी आज, क्या है शुभ मुहूर्त?
Vijaya Ekadashi 2026 aaj Hai: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजय एकादशी का व्रत आता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और हर कार्य में विजय प्राप्त होती है। यही कारण है कि इसे विजया एकादशी कहते हैं।
वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि कल 12:22 PM से शुरू हो गई है और 13 फरवरी 2026 को 2:25 PM पर समाप्त होगी। एकादशी व्रत का पालन उदया तिथि के अनुसार किया जाता है। इस कारण विजया एकादशी का व्रत शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को रखा गया है।

Vijaya Ekadashi 2026 मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त 13 फरवरी को सुबह 05 बजकर 17 मिनट से 06 बजकर 08 मिनट तक।
- अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक।
- विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 12 मिनट तक ।
Vijaya Ekadashi 2026 पूजा विधि
सबसे पहले प्रातः स्नान करें और स्वच्छ पीले या सफेद वस्त्र धारण करें और घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। फिर दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत अर्पित करें। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें और विष्णु सहस्रनाम या विजय एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। दिनभर फलाहार करें और मन, वचन व कर्म से पवित्र रहें। अगले दिन द्वादशी तिथि में ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान देकर व्रत का पारण करें।

Vijaya Ekadashi 2026 का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान राम ने लंका पर विजय प्राप्त करने से पहले विजय एकादशी का व्रत किया था और इस व्रत से शत्रुओं पर विजय और कठिन परिस्थितियों में सफलता मिलती है। जीवन की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मकता का संचार होता है। पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी चीज को अमल लाने के लिए किसी ज्योतिषी और किसी पंडित से अवश्य बातें करें।












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