Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Varalakshmi Vrat 2025: वर लक्ष्मी व्रत आज, जानिए पूजा विधि, महत्व और कथा

varalakshmi Vrat 2025: माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे उत्तम व्रत श्रावण मास में किया जाता है। यह अद्भुत, चमत्कारी और धन के भंडार भर देने वाला व्रत है वर लक्ष्मी व्रत या वरद लक्ष्मी व्रत। यह श्रावण पूर्णिमा से ठीक पहले आने वाले शुक्रवार के दिन किया जाता है।

इस बार श्रावण पूर्णिमा 9 अगस्त को है इसलिए ये व्रत आज किया जा रहा है। शुक्रवार को होने की वजह से इस दिन का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है।

Varalakshmi Vrat 2025

यह व्रत प्राचीन काल से दक्षिण भारत में किया जाता रहा है लेकिन इसकी महत्ता, प्रभाव और व्यापकता को देखते हुए अब यह व्रत संपूर्ण भारत में किया जाने लगा है। इस बार व्रत के दिन आयुष्मान योग भी बन रहा है, जिसमें माता लक्ष्मी का पूजन करना सर्वसिद्धिदायक रहेगा।

इसके साथ ही सर्वार्थसिद्धि और रवियोग भी है। "वरलक्ष्मी" शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है।'वर' का अर्थ है 'वरदान देने वाली' और 'लक्ष्मी' का अर्थ है देवी लक्ष्मी। इस व्रत में देवी लक्ष्मी का पूजन करके अपने परिवार और गृहस्थ जीवन की उन्नति, दीर्घायु और समृद्धि की कामना करती है।

वरलक्ष्मी व्रत का महत्व (varalakshmi Vrat 2025)

यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवी लक्ष्मी की अष्टलक्ष्मी के रूप में पूजा करने पर आठों प्रकार की लक्ष्मी (धन, धैर्य, विजय, विद्या, संतान, कीर्ति, भोजन और शक्ति) की प्राप्ति होती है।

यह व्रत परिवार के स्त्री-पुरुषों को मिलकर करना चाहिए। इससे आर्थिक समृद्धि तो आती ही है, परिवार में सुख-सामंजस्य भी बना रहता है। इस व्रत को करने से अश्वमेध यज्ञ का पुण्य फल मिलता है। जिससे जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है।

वर लक्ष्मी व्रत की कथा (varalakshmi Vrat 2025)

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान शिव ने माता पार्वती को इस व्रत के बारे में बताया था। इसके अनुसार एक समय की बात है, कुंडिनपुर नामक नगर में चारुमती नाम की एक महिला अपने पति के साथ सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर रही थी। वह अत्यंत धार्मिक और पुण्यात्मा थी तथा देवी लक्ष्मी में उसकी अगाध आस्था थी। वह नित्य उनकी सेवा करती थी। उसकी सेवा भावना और भक्ति देखकर एक दिन माता लक्ष्मी स्वप्न में प्रकट हुईं और उसे श्रावण मास के शुक्रवार को वरलक्ष्मी व्रत करने का आदेश दिया। चारुमती ने इस व्रत को श्रद्धा से किया। इसके बाद उनके घरों में सुख-समृद्धि, वैभव और संतोष का वास हो गया।

varalakshmi Vrat 2025 की पूजन विधि

व्रत के दिन स्नानादि से निवृत्त होकर साफ-स्वच्छ वस्त्र पहनें। लकड़ी के पाटे या चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर एक कलश स्थापित करें। इस पर मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इस पर एक नई साड़ी से सजावट करें। उसमें जल, चावल, पंचामृत, सुपारी, सिक्के, हल्दी-कुंकुम आदि डालकर पूजन करें। कलश के ऊपर नारियल रखें। धूप-दीप कर भोग लगाएं। भोग में खीर, पायसम, लड्डू आदि रखें। कहीं-कहीं मखाने की खीर का भोग लगाने का भी चलन है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+