Sheetla Saptami 2025 : आज है शीतला सप्तमी? क्या होता है 'बसोड़ा'? जानिए पूजा मुहूर्त

Sheetla Saptami 2025: चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शीतलासप्तमी होती है। इस दिन शीतला माता का पूजन कर उन्हें ठंडे बासी भोजन का नैवेद्य लगाया जाता है और उसी भोजन को परिवार सहित प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।

शीतला सप्तमी का पूजन आज किया जाएगा। क्षेत्रीय मान्यताओं के चलते अनेक क्षेत्रों में अष्टमी का पूजन भी किया जाता है। इस लिहाज से शीतला अष्टमी का पूजन 22 मार्च को किया जाएगा। शीतला सप्तमी का पूजन करने से संक्रामक रोगों के प्रकोप से मुक्ति मिलती है। आयु और आरोग्य प्राप्त होता है।

Sheetla Saptami 2025

इस वर्ष चैत्र कृष्ण सप्तमी 20 मार्च को मध्यरात्रि के बाद अर्थात् 21 मार्च की रात्रि में 2 बजकर 45 मिनट से प्रारंभ होकर 22 मार्च को तड़के 4 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। इसलिए शीतला सप्तमी का पूजन 21 मार्च को किया जाएगा। इसके एक दिन पूर्व 20 मार्च को सायंकाल बनाए नैवेद्य का भोग 21 मार्च को शीतला माता को लगाया जाएगा।

मंगलकारी योगों में होगा शीतलामाता पूजन (Sheetla Saptami 2025)

इस बार शीतला सप्तमी के दिन अनेक मंगलकारी योग बन रहे हैं। इनमें ज्येष्ठा नक्षत्र में सिद्धि योग बना है। इस योग में देवी का पूजन करने से समस्त इच्छित सुखों की प्राप्ति होगी। दूसरा इस दिन रवियोग भी बन रहा है। यह योग आयु और आरोग्य में वृद्धि करने वाला है। इस योग में शीतला माता का पूजन करने से समस्त रोगों से छुटकारा मिलता है।

इस नियम का पालन करें (Sheetla Saptami 2025)

  • शीतला सप्तमी के दिन किसी को पैसा उधार नहीं देना चाहिए।
  • इस दिन बाजार से कोई वस्तु नहीं खरीदनी चाहिए।
  • इस दिन प्रात:काल घर में बिना झाड़ू लगाए ही पूजा करनी चाहिए।
  • इस दिन गरम पानी से स्नान नहीं करना चाहिए।
  • गरम भोजन, चाय, दूध आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • शीतला माता को दीपक, अगरबत्ती आदि नहीं लगाए जाते हैं। पूजा में बिना जला दीपक रखें।
  • शीतला सप्तमी के दिन घर पर कोई बुढ़िया भिखारी महिला कुछ मांगने आए तो उसे अवश्य दें।
  • इस दिन देवी को नारियल चढ़ाने के बाद उसका प्रसाद परिवार के सभी सदस्य लें किंतु बाहर किसी को न बांटें।
शीतला माता का असली नाम क्या है?

शीतला माता, मां दुर्गा का ही रूप हैं, उन्हें कात्यायनी के रूप में भी पूजा जाता है।

शीतला मां की पूजा क्यों की जाती है?

शीतला माता की पूजा करने से इंसान बीमारियों से दूर रहता है, शीतला माता स्वास्थ्य प्रदान करती हैं।

शीतला सप्तमी की पूजा कब है?

शीतला सप्तमी का पूजन 21 मार्च को किया जाएगा। इसके एक दिन पूर्व 20 मार्च को सायंकाल बनाए नैवेद्य का भोग 21 मार्च को शीतला माता को लगाया जाएगा।

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