Shani Jayanti 2025: अगर शनि की साढ़ेसाती से हैं परेशान, तो करें ये उपाय, तुरंत मिलेगा फायदा
Shani Jayanti 2025: ज्येष्ठ मास की अमावस्या आज है और आज ही शनि जयंती भी मनाई जा रही है। इस दिन लोग शनि की पीड़ा से मुक्ति के लिए वैसे तो अपने स्तर पर अनेक उपाय करते हैं लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे आसान शास्त्रीय उपाय बताने जा रहे हैं जिन्हें करके शनि की पीड़ा से मुक्ति पाना आसान हो जाएगा।
शनि प्रसन्न होकर आपके पापों को क्षमा करेंगे और आपको अच्छा आशीर्वाद प्रदान करेंगे। जिन लोगों को शनि की साढ़ेसाती, ढैया या शनि की महादशा-अंतर्दशा चल रही है, उन्हें इन उपायों के अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।

अभी शनि किस पर चल रहे (Shani Jayanti 2025)
वर्तमान में शनि मीन राशि में स्थित हैं। इसलिए कुंभ, मीन और मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। सिंह और धनु राशि पर शनि का लघु ढैया चल रहा है।
क्या उपाय करें (Shani Jayanti 2025)
- शनि को उड़द की दाल के लड्डू बहुत पसंद हैं। शनि जयंती के दिन उड़द की दाल के सवा किलो लड्डू से शनिदेव को भोग लगाएं और ये लड्डू शनि मंदिर के बाहर बैठे हुए भिखारियों, गरीबों, भूखों को प्रसाद के रूप में भेंट कर दें। इससे शनि की पीड़ा शांत होगी।
- शनि जयंती के दिन लोहे, शीशे या रांगे पर उकेरे हुए शनि यंत्र का पूजन करें। ऊं ऐं ह्रीं श्रीं शनैश्चराय नम: का एक माला जाप करें और किसी ब्राह्मण को दक्षिणा सहित दान में दें। यदि ब्राह्मण शनि यंत्र स्वीकार न करे तो उसे शनि मंदिर में दान कर आएं। शनि की साढ़ेसाती वालों को यह उपाय अवश्य करना चाहिए।
इमरती का भोग शनि देव को लगाएं (Shani Jayanti 2025)
- शनि जयंती के दिन सवा किलो इमरती का भोग शनि देव को लगाएं और इसे भूखों को खिला दें। इस उपाय से शनिदेव प्रसन्न होंगे। जिन लोगों को शनि की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो उन्हें यह उपाय अवश्य करना चाहिए।
- शनि जयंती से एक दिन पूर्व सवा किलो काले चने को पानी में भिगोकर रख दें। शनि जयंती के दिन इन चनों को पानी में से निकालकर उसमें सवा सौ ग्राम सरसों का तेल अच्छे से मिला लें। इस चने को काले घोड़े को खिला दें। शनि की साढ़ेसाती या कुुंडली में अशुभ शनि की शांति होती है और शनि शुभ फलदाता बन जाता है।
ऊं शं शनैश्चराय नम: मंत्र की 23 माला शनि मंदिर में बैठकर जप करें (Shani Jayanti 2025)
- शनि जयंती के दिन काले या नीले रंग के कपड़े पहनकर काले या नीले रंग के कंबल के आसन पर बैठकर नीलमणि या रुद्राक्ष की माला से ऊं शं शनैश्चराय नम: मंत्र की 23 माला शनि मंदिर में बैठकर जप करें। इससे शनि की पीड़ा कम होगी।












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