Sawan Pradosh Vrat 2023 Muhurat: शुक्र प्रदोष व्रत आज, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और मंत्र
Sawan Pradosh Vrat 2023 Muhurat: सावन मास का पहला प्रदोष व्रत आज है, शुक्रवार होने की वजह से ये 'शुक्र प्रदोष व्रत' हो गया है। प्रदोष में भगवान शिव की पूजा की जाती है और शुक्रवार मां लक्ष्मी का दिन है, जो कि मां पार्वती का ही रूप हैं इसलिए आज के दिन शिव पार्वती दोनों की विशेष पूजा करने से इंसान को हर तरह के सुख की प्राप्ति होती है। वैसे भी सावन का प्रदोष व्रत विशेष संयोग और बहुत सारे शुभ फलों वाला है, आज के दिन जो भी व्रत करेगा, उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

प्रदोष व्रत का महत्व
मान्यता है कि त्रयोदशी तिथि पर जो भी शिव के दर्शन करता है उसे जीवन में सुख ही सुख मिलता है और अगर वो शिव-पार्वती दोनों की पूजा करता है तो उसका वैवाहिक जीवन हमेशा सुखी रहता है।
शुभ मुहूर्त
त्रयोदशी तिथी का प्रारंभ 14 जुलाई को 7 बजकर 17 मिनट पर होता है और इसका समापन 15 जुलाई 8 बजकर 32 मिनट पर हो रहा है। इस दौरान पूजा करने से शिव जी खुश होते है।
लक्ष्मी मंत्र
- ऊँ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
- यह श्री लक्ष्मी महामंत्र है. इसके जाप से सुख-समृद्धि के साथ ही धन लाभ भी होता है.
- श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा।
- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:
- लक्ष्मी नारायण नम:
शिव मंत्र
- ॐ नम: शिवाय।।
- ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ।।
- विशुद्धज्ञानदेहाय त्रिवेदीदिव्यचक्षुषे। श्रेय:प्राप्तिनिमित्ताय नम: सोमाद्र्धधारिणे।।
पार्वती जी के मंत्र
- ॐ देवाधिदेव देवेश सर्वप्राणभूतां वर।
- प्राणिनामपि नाथस्त्वं मृत्युंजय नमोस्तुते।।
- 'ऊँ साम्ब शिवाय नमः'
- ''ऊँ पार्वत्यै नमः
- हे गौरी शंकरार्धांगी। यथा त्वं शंकर प्रिया।
- तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्।












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