Sawan Mangala Gauri Vrat 2024: सावन का चौथा और आखिरी मंगला गौरी व्रत आज, जानिए पूजा विधि और कथा
Sawan Mangala Gauri Vrat 2024 Katha: सावन माह का चौथा और आखिरी मंगला गौरी व्रत आज है, कहते हैं कि इस दिन जो भी मां की सच्चे मन से पूजा करता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। मां मंगला की पूजा से घर-आंगन में सुख-शांति का वास रहता है।
आज के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए उपवास रखती हैं, माना जाता है कि जिन स्त्रियों को संतान सुख नहीं मिलता, अगर वो आज के दिन मंगला मां की पूजा करें तो उनके घर में जल्द ही बच्चों कि किलकारी गूंजती है।

मंगला गौरी व्रत की विधि (Mangala Gauri Vrat Puja Vidhi)
- प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल को स्वच्छ करके मां गौरी की प्रतिमा या चित्र बनाएं।
- मां गौरी को लाल वस्त्र, सिंदूर, चूड़ियां, मेहंदी और अन्य श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
- धूप, दीप, नैवेद्य, पुष्प और फल अर्पित किए जाते हैं।
- विशेष रूप से गौरी चालीसा और व्रत कथा का पाठ किया जाता है।
- महिलाएं इस दिन निराहार रहती हैं और केवल फलाहार करती हैं।
- व्रत का पारण रात में चंद्र दर्शन के बाद किया जाता है।
मंगला गौरी व्रत की कथा (Mangala Gauri Vrat Katha)
प्राचीन काल में एक व्यापारी के घर में संतान नहीं थी। उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर संतान प्राप्ति के लिए कठोर तप किया। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गौरी ने उन्हें वरदान दिया कि उनकी संतान दीर्घायु और सुखी रहेगी। मां गौरी की कृपा से उनके घर में पुत्र रत्न का जन्म हुआ। तब से इस व्रत का प्रचलन हुआ।
'मंगला गौरी' माता की आरती (Mangala Gauri Aarti)
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता ब्रह्मा सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- सिंह को वाहन साजे कुंडल है, साथा देव वधु जहं गावत नृत्य करता था।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- सतयुग शील सुसुन्दर नाम सटी कहलाता हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- सृष्टी रूप तुही जननी शिव संग रंगराता नंदी भृंगी बीन लाही सारा मद माता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- देवन अरज करत हम चित को लाता गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- मंगला गौरी माता की आरती जो कोई गाता सदा सुख संपति पाता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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