Raksha Bandhan 2024: रक्षा बंधन आज, भद्रा का रहेगा असर, जानिए किस वक्त बांधे राखी?
Raksha Bandhan 2024 Muhurat: भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन आज पूरे देश में मनाया जा रहा है, श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले इस पर्व पर भद्रा का साया है।
दोपहर 1 बजकर 31 मिनट तक भद्रा रहने के कारण भाई की कलाई पर रक्षासूत्र दोप 1.31 के बाद ही बांधा जा सकेगा।इसके बाद पूरे दिन-रात में अनेक शुभ मुहूर्त रहेंगे जिनमें रक्षाबंधन किया जा सकेगा।

इस पर आपसी स्नेह बढ़ाने वाला शोभन योग भी बना हुआ है। 19 अगस्त को पूर्णिमा तिथि रात्रि 11.54 तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र प्रात: 8:09 तक रहेगा उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। इसी तरह शोभन योग सूर्योदय पूर्व से लेकर रात्रि 12.45 तक रहेगा।
दोप 1:31 तक भद्रा रहेगी। इस दिन सूर्य सिंह राशि और चंद्र मकर राशि में गोचर करेगा। हालांकि मकर राशि का चंद्रमा होने के कारण भद्रा का निवास पाताल लोक में रहेगा। फिर भी भद्रा काल में रक्षाबंधन करना उचित नहीं है, इसलिए दोपहर 1.31 के बाद रक्षाबंधन करना ही ठीक रहेगा।
- रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त
- चर : दोप 2:06 से 3:42
- लाभ : दोप 3:42 से सायं 5:18
- अमृत : सायं 5:18 से 6:54
- चर : सायं 6:54 से रात्रि 8:18
- लाभ : रात्रि 11:06 से 11:54
श्रवण पूजन भी दोप 1.31 के बाद
श्रावणी पूर्णिमा के दिन श्रवण का पूजन भी किया जाता है। चूंकि इस बार भद्रा है इसलिए श्रवण पूजन और श्रवण को जिमाने का समय भी दोप 1:31 के बाद ही रहेगा।
पाताल में रहेगी भद्रा
भद्रा के बारे में मुहूर्तचिंतामणि ग्रंथ के शुभाशुभप्रकरणम-1 के 45वें श्लोक में कहा गया है-
- कुम्भकर्कद्वये मत्र्ये स्वर्गेब्जेजात्त्रयेलिगे ।
- स्त्रीधनुर्जूकरक्रेधो भद्रा तत्रैव तत्फलम् ।।
अर्थात् जब चंद्रमा कुंभ, मीन, कर्क, सिंह राशि का हो तो भद्रा का निवास मृत्युलोक में होता है। मेष, वृषभ, मिथुन और वृश्चिक राशि में चंद्रमा हो तो भद्रा का निवास स्वर्ग लोक में होता है। कन्या, तुला, धनु, मकर का चंद्रमा हो तो भद्रा का निवास पाताल लोक में होता है। भद्रा का निवास जिस लोक में रहता है, उस लोक में उसका अशुभ फल होता है। इस कार 19 अगस्त को चंद्रमा के मकर राशि में रहने के कारण भद्रा का निवास पाताल लोक में रहेगा।












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