Parvati ji Ki Aarti: यहां पढे़ं मां पार्वती की आरती, जानें महत्व
Parvati ji Ki Aarti: सोमवार का दिन भगवान शिव का होता है लेकिन उनकी पूजा तब तकअधूरी है, जब तक मां पार्वती की पूजा ना हो। शिव-पार्वती एक ही नाम हैं। इसलिए अगर आप के प्यार के लिए तरस रहे हैं, यहां पति-पत्नी के बीच प्रेम नहीं हैं या फिर आप मनचाहा जीवनसाथी चाहते हैं तो हर सोमवार को मां पार्वती की पूजा पूरी आस्था के साथ कीजिए, आपकी सारी इच्छाएं भी पूरी हो जाएंगी और आपके सारे कष्टों का अंत भी हो जाएगा।

मां पार्वती की आरती
- जय पार्वती माता जय पार्वती माता
- ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
- जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
- अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
- जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुणगु गाता।
- जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
- सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
- देव वधुजहं गावत नृत्य कर ताथा।
- जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
- सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
- हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
- जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
- शुम्भ निशुम्भ विदारेहेमांचल स्याता
- सहस भुजा तनुधरिके चक्र लियो हाथा।
- जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
- सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
- नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
- जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
- देवन अरज करत हम चित को लाता
- गावत दे दे ताली मन मेंरंगराता।
- जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
- श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
- सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
- जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।
मंत्र
- ॐ नमः मनोभिलाषितं वरं देहि वरं ह्रीं ॐ गोरा पार्वती देव्यै नमः।
- माता च पार्वती देवी पिता देवो महेश्वर:
- बान्धवा: शिवभक्ताश्च, स्वदेशो भुवनत्रयम ॥
- ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योग भयंकरी सकल
- स्थावर जंगमस्य मुख हृदयं मम वशं आकर्षय आकर्षय नमः॥

कुछ खास बातें
- मां पार्वती काफी मोहक, दयालु और कोमल हृदय वाली हैं।
- मां पार्वती को सौंदर्य, प्रेम ,समर्पण, त्यागा, विवाह और संतान की देवी कहते हैं।
- वो भोलेनाथ की पत्नी , पर्वत राजा हिमांचल और रानी मैना की बेटी हैं।
- वो ही आदिस्वरूपा हैं और उन्हीं की अराधना देवतागण अलग-अलग रूपों में करते हैं।












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