नवरात्र विशेष: दूसरे दिन होती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

आज नवरात्र का दूसरा दिन है आज का दिन मां ब्रह्मचारिणी का है। बेहद ही शांत, सौम्य और मोहक रूप है मां ब्रह्मचारिणी का जो उनके भक्तों के मन में शांति, सौम्यता और त्याग जगाता है। मां के इस रूप को पूजने से व्यक्ति को तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार व संयम जैसे गुणों की प्राप्ति होती है जो उसको जीवन में आगे ले जाने में मदद करते हैं।

आपको पता है कि ब्रह्मचारिणी का मतलब ही है तप की चारिणी अर्थात तप का आचरण करने वाली। तो जो लोग इस रूप की पूजा करते हैं तो उन्हें साधक होने का तो फल मिलेगा ही। आज के दिन मां को पूजने के लिए जातकों को इस श्लोक से पूजा की शुरूआत करनी चाहिए

दधांना कर पहाभ्यामक्षमाला कमण्डलम।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मiचारिण्यनुत्तमा।।

Maa Brahmacharini
ब्रहमचारिणी मां स्वेत वस्त्र पहने दाएं हाथ में अष्टदल की माला और बांए हाथ में कमण्डल लिए हुए सुशोभित है। पैराणिक ग्रंथों के अनुसार यह हिमालय की पुत्री थीं तथा नादर के उपदेश के बाद यह भगवान को पति के रूप में पाने के लिए इन्होंने कठोर तप किया। जिस कारण इनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा।

कहते हैं सच्चे मन से मां से जो भी मांगो वो जरूर पूरा होता है। आज जातक को मन से मां की पूजा करनी चाहिए जिसके चलते उस पर आने वाले हर संकट को मां उससे दूर कर देंगी।

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