Durga Ashtami Kab Hai: 10 या 11 अक्टूबर कब है दुर्गा अष्टमी? जानिए यहां
Durga Ashtami or Maha Ashtami Kab hai : नवरात्रि में अष्टमी तिथि का काफी महत्व है जो भक्तगण पूरे नौ दिन उपवास नहीं रख पाते हैं, वो इस दिन जरूर व्रत करते हैं, ये दिन मां गौरी को समर्पित है, जिनकी पूजा करने से इंसान को हर तरह के सुख की प्राप्ति होती है।
अष्टमी इस बार लोग दो दिन मना रहे हैं। कहीं 10 अक्टूबर तो कहीं 11 अक्टूबर 2024 को अष्टमी मनाई जा रही है। शास्त्रीय मतों के अनुसार वैसे 11 अक्टूबर को अष्टमी रहेगी।

अगर आप पैसों की कमी से जूझ रहे हैं तो इस बार आश्विन नवरात्रि की अष्टमी के दिन कुछ विशेष सामग्रियों से हवन करें। इससे धन लाभ भी होगा और संपत्ति सुख भी प्राप्त होगा और आप हर तरह के कष्टों से मुक्त हो जाएंगे।
यहां हम आपको बताते हैं कि अष्टमी के दिन कैसे करें हवन?
हवन में क्या सामग्री उपयोग करें
नवरात्रि की अष्टमी के दिन किए जाने वाले दुर्गा हवन में कुछ विशिष्ट सामग्रियों का उपयोग करना चाहिए। जो भी विद्वान पंडित पुरोहित हवन करवाएंगे वो हवन सामग्री बताएंगे जो सामान्य हवन में होती है किंतु धन की प्राप्ति, लक्ष्मी में वृद्धि और संपत्ति में लाभ के लिए दुर्गा हवन में मखाने, केसर के अलावा लाजवंती और गुड़हल के फूलों के प्रयोग करना चाहिए। 1008 मखाने की आहुतियां देने से अकूत धन की प्राप्ति होती है।
कमलगट्टे से करें हवन
कमलगट्टे मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय होते हैं। दुर्गा हवन में कमलगट्टे की आहुतियां देने से मां लक्ष्मी के साथ मां दुर्गा भी प्रसन्न होती हैं। 1008 कमलगट्टे को गाय के देसी घी में डुबोकर आहुतियां देना चाहिए। यह आहुतियां विद्वान पुरोहित दुर्गा सप्तशती के साथ श्री सूक्त के श्लोकों के साथ करवाएंगे। इस हवन में सुगंधित द्रव्यों का प्रयोग भी अवश्य करना चाहिए। जैसे केसर, इलायची आदि का प्रयोग भरपूर मात्रा में करना चाहिए।
मखाने की खीर का नैवेद्य
हवन के बाद देवी को मखाने से बनी खीर का नैवेद्य अवश्य लगाएं। खीर में थोड़ा सा गुलाबजल भी अवश्य डालें।












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