Naraka Chaturdashi 2023: नरक चतुर्दशी पर करें ये आरती, मिल जाएंगे सारे सुख
Naraka Chaturdashi 2023 (आरती): कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी या रूप चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन हनुमान जी की पूजा की जाती है। कहते हैं इस दिन जो भी हनुमान जी की पूजा करते है उसे यश-बल की प्राप्ति होती है। इस दिन खास आरती करनी चाहिए, ऐसा करने से इंसान को सारे सुख मिलते हैं।

आरती
- ॐ जय हनुमत वीरा स्वामी जय हनुमत वीरा
- संकट मोचन स्वामी तुम हो रणधीरा।। ॐ
- पवन - पुत्र अंजनी - सुत महिमा अति भारी।
- दुःख दरिद्र मिटाओ संकट सब हारी।। ॐ
- बाल समय में तुमने रवि को भक्ष लियो।
- देवन स्तुति किन्ही तबही छोड़ दियो।। ॐ
- कपि सुग्रीव राम संग मैत्री करवाई।
- बाली बली मराय कपीशाहि गद्दी दिलवाई।। ॐ
- जारि लंक को ले सिय की सुधि वानर हर्षाये।
- कारज कठिन सुधारे रधुवर मन भाये।। ॐ
- शक्ति लगी लक्ष्मण के भारी सोच भयो।
- लाय संजीवन बूटी दुःख सब दूर कियो।। ॐ
- ले पाताल अहिरावण जबहि पैठि गयो।
- ताहि मारि प्रभु लाये जय जयकार भयो।। ॐ
- घाटे मेंहदीपुर में शोभित दर्शन अति भारी।
- मंगल और शनिश्चर मेला है जारी।। ॐ
- श्री बालाजी की आरती जो कोई नर गावे।
- कहत इन्द्र हर्षित मन वांछित फल पावे।।ॐ
इस दिन मां काली की भी खास पूजा की जाती है।
मां काली की आरती
- मां काली की आरती अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली, तेरे ही गुन गाए भारती, हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती |
- तेरे भक्त जनो पार माता भये पड़ी है भारी |
- दानव दल पार तोतो माड़ा करके सिंह सांवरी |
- सोउ सौ सिंघों से बालशाली, है अष्ट भुजाओ वली, दुशटन को तू ही ललकारती |
- हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती |
- माँ बेटी का है इस् जग जग बाड़ा हाय निर्मल नाता |
- पूत कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता |
- सब पे करुणा दर्शन वालि, अमृत बरसाने वाली, दुखीं के दुक्खदे निवर्तती |
- हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती |
- नहि मँगते धन धन दौलत ना चण्डी न सोना |
- हम तो मांगे तेरे तेरे मन में एक छोटा सा कोना |
- सब की बिगड़ी बान वाली, लाज बचाने वाली, सतियो के सत को संवरती |
- हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती |
- चरन शरण में खडे तुमहारी ले पूजा की थाली |
- वरद हस् स सर प रख दो म सकत हरन वली |
- माँ भार दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओ वली, भक्तो के करेज तू ही सरती |
- हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती |
- अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली |
- तेरे ही गुन गाए भारती, हे मैया, हम सब उतारे तेरी आरती |












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