Siddhidhatri ki Aarti: पढ़ें 'सिद्धिदात्री' की आरती
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर। मां का 9 वां रूप 'सिद्धिदात्री' का है। यह हर प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। इसी वजह से इनका नाम 'सिद्धिदात्री' है। नवरात्र के नवें दिन इनकी विशेष पूजा करने से इंसान के सारे कष्ट तो दूर होते ही हैं, बल्कि भक्तों पर मां दुर्गा की विशेष कृपा होती है। मां दुर्गा अपने भक्तों को हर बुराई से बचाती हैं और उनकी रक्षा करती हैं और जीवन में आगे बढ़ने में मदद करती हैं।

पढ़ें 'सिद्धिदात्री' की आरती
- जय सिद्धिदात्री तू सिद्धि की दाता
- तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता,
- तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि
- तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि
- कठिन काम सिद्ध कराती हो तुम
- हाथ सेवक के सर धरती हो तुम,
- तेरी पूजा में न कोई विधि है
- तू जगदंबे दाती तू सर्वसिद्धि है
- रविवार को तेरा सुमरिन करे जो
- तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो,
- तू सब काज उसके कराती हो पूरे
- कभी काम उस के रहे न अधूरे
- तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया
- रखे जिसके सर पैर मैया अपनी छाया,
- सर्व सिद्धि दाती वो है भाग्यशाली
- जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली
- हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा
- महानंदा मंदिर में है वास तेरा,
- मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता
- वंदना है सवाली तू जिसकी दाता...
ये हैं मां के नौ रूप
- प्रथम दिन: शैलपुत्री
- दूसरा दिन: ब्रह्मचारिणी
- तीसरा दिन: चंद्रघंटा
- चौथा दिन: कुष्मांडा
- 5वां दिन: स्कंदमाता
- 6ठवां दिन: कात्यायनी
- 7वां दिन: कालरात्रि
- 8वां दिन: महागौरी
- 9वां दिन: मां सिद्धिदात्री












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