Masik Shivratri & Pradosh vrat 2021: मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत दोनों आज, जानिए पूजा का मुहूर्त
नई दिल्ली, 02 दिसंबर। आज मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत दोनों है। आज के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है, कहते हैं ऐसा करने से इंसान के हर तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं। भगवान शिव तो भोले भंडारी हैं, उनकी जब भी कोई भक्त सच्चे मन से पूजा करता है, वो उसको अपना आशीर्वाद जरूर देते हैं। आपको बता दें कि एक महीने में दो बार प्रदोष व्रत पड़ता है।

प्रदोष व्रत तिथि
- त्रयोदशी तिथि प्रारंभ -1 दिसंबर, बुधवार को रात 11: 35 PM
- त्रयोदशी तिथि समाप्त - 2 दिसंबर, गुरुवार को रात 8:26 PM
मासिक राशिफल: December 2021 Horoscope
मासिक शिवरात्रि तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ: 02 दिसबंर 2021, 10:56 PM
- कृष्ण चतुर्दशी तिथि समापन: 03 दिसंबर 2021, 07:25 PM
मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त-11:26 AM से 12:09 PM
- अमृत काल- 08:31 AM से 09:58 AM 05:56 AM से 07:22 AM 3 दिसंबर तक
- ब्रह्म मुहूर्त - 05:20 AM - 06:06 AM
- गोधुली मुहूर्त: 4:05pm से 05:28 मिनट
पूजा विधि
प्रदोष और मासिक शिवरात्रि दोनों ही शिव की पूजा का व्रत है। दोनों ही पर्व में भक्त उपवास रखते हैं। प्रदोष की पूजा गोधूलि बेला में होती है, जबकि शिवरात्रि की पूजा सुबह होती है। पूजा करने से पहले सारे व्रती पुनः स्नान करे और स्वच्छ श्वेत वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर ले। कुश के आसन पर बैठ कर शिवजी की पूजा विधि-विधान से करें। ऊं नमः शिवाय मंत्र बोलते हुए शिवजी को जल अर्पित करें। इसके बाद दोनों हाथ जोड़कर शिवजी का ध्यान करें। कथा सुने अथवा पढ़ें। शिवजी की आरती करें, प्रसाद बांटे।

मंत्र
- ॐ ब्रह्म ज्ज्ञानप्रथमं पुरस्ताद्विसीमतः सुरुचो वेन आवः, स बुध्न्या उपमा अस्य विष्ठाः सतश्च योनिमसतश्च विवः
- ॐ नमः श्वभ्यः श्वपतिभ्यश्च वो नमो नमो भवाय च रुद्राय च नमः. शर्वाय च पशुपतये च नमो नीलग्रीवाय च शितिकण्ठाय च
- ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्
- ऊँ नम: शिवाय,
- ऊँ महेश्वराय नम:,
- ऊँ शंकराय नम:
- ऊँ रुद्राय नम:












Click it and Unblock the Notifications