Mahashivratri 2021 : भगवान शिव को प्रिय है ये 11 सामग्री, अर्पित करने से होती है हर कामना पूरी

नई दिल्ली। भगवान शिव को भोले भंडारी कहा जाता है। वे अपने भक्त की मात्र सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न हो जाते हैं। शिवजी को किसी पूजन सामग्री की आवश्यकता नहीं होती, यदि भक्त सच्चे और निर्दोष मन से मानसिक रूप से कल्पना करते हुए भी वस्तु अर्पित करे तो वे प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन फिर भी भक्त को सांसारिक वस्तुएं अपने आराध्य को अर्पित करने की कामना करते ही हैं।

आइए जाते हैं भगवान शिव को प्रिय वे 11 वस्तुएं जिन्हें यदि आप शिवरात्रि पर अर्पित करेंगे तो आपकी हर मनोकामना पूरी हो जाएगी।

इन 11 सामग्री को अर्पित करने से होते हैं शिव प्रसन्न
  • जल : यह बात सभी जानते हैं किभगवान शिव को शुद्ध जल सर्वाधिक प्रिय है। शिव मंदिर जाने वाले भक्त उन्हें सबसे पहले जल ही अर्पित करते हैं। जल का सीधा संबंध चंद्र से है, जिसे शिवजी अपने मस्तक पर धारण किए हुए हैं। समुद्र मंथन के दौरान जब हलाहल निकला तो उससे संपूर्ण सृष्टि को बचाने के लिए शिवजी ने वो हलाहल अपने कंठ में धारण कर लिया। लेकिन इससे उनके संपूर्ण शरीर में भयंकर ताप उत्पन्न हो गया। जिसे शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर शीतल जल अर्पित किया और स्वयं चंद्रदेव शिवजी की पीड़ा शांत करने के लिए उनके मस्तक पर विराजमान हुए। इसलिए जो भक्त शिवजी पर जल अर्पित करता है वह शिवजी को प्रसन्न कर लेता है। जल अर्पित करने से हमारा मन प्रसन्न होता है और चंद्र देव भी प्रसन्न होते हैं।
  • दूध : भगवान शिव जी की प्रिय वस्तुओं में दूध और दूध से बनी मिठाइयां शामिल हैं। शिवजी को गाय का दूध अर्पित करने से न केवल चंद्र ग्रह से जुड़ी पीड़ा दूर होती है, बल्कि शिवजी प्रसन्न होकर समस्त सुख प्रदान करते हैं। दूध अर्पित करने से पारिवारिक क्लेश मिटते हैं और स्वजनों के बीच आपसी प्रेम में बढ़ोतरी होती है।
  • मिश्री : भगवान शिव को मिश्री प्रिय है। महाशिवरात्रि के अलावा यदि शिवजी को प्रत्येक सोमवार के दिन मिश्री अर्पित की जाए तो इससे धन से जुड़े सारे अभाव दूर हो जाते हैं। आर्थिक समृद्धि में तेजी से वृद्धि होने लगती है।
  • केसर : शिवजी को केसर अर्पित करने और केसर को गंगाजल में घोलकर शिवजी को त्रिपुंड लगाने और उसी से स्वयं तिलक करने से हमारे आकर्षण प्रभाव में वृद्धि होती है। सर्वत्र सराहना मिलती है और जहां भी जाते हैं वहां लोगों का सहयोग मिलता है।
  • शहद : शिवजी को नित्य का अर्पित करने से आत्मबल में वृद्धि होती है। आयु और आरोग्यता प्राप्त होती है। शिवजी को शहद उन दंपतियों को अर्पित करना चाहिए जो उत्तम संतान की कामना रखते हैं। शिवजी को 41 दिनों तक शहद अर्पित करने से नि:संतान दंपती को भी संतान सुख प्राप्त होता है।
  • चंदन : भगवान विष्णु की तरह शिवजी को भी चंदन अत्यंत प्रिय है। शिवलिंग पर चंदन का लेप करने से राजकार्य से जुड़ी समस्याएं दूर होती है। जन्मकुंडली में बृहस्पति और केतु पीड़ा दे रहे हों तो इससे इन ग्रहों की पीड़ा शांत होती है। नौकरी और कारोबार में रूकावट की समस्या दूर होती है।
  • भांग : भांग शिवजी को अत्यंत प्रिय है। शिवजी को भांग अर्पित करने का अर्थ है अपने भीतर की समस्त बुराइयों, दोषों का शिवजी के सामने समर्पण कर देना।
  • शुद्ध घी : महाशिवरात्रि के दिन शिवजी को गौघृत से अभिषेक करना चाहिए। इससे हमारे जीवन में नौ ग्रहों के दोष दूर होते हैं। इससे बल और साहस में वृद्धि होती है। अत्यंत कमजोर मनुष्य यदि प्रत्येक सोमवार को शिवजी को गौघृत अर्पित करे तो उसका शरीर पुष्ट होता है।
  • चावल : शिवजी की प्रिय वस्तुओं में चावल भी शामिल है। शिवलिंग पर अक्षत अर्थात् चावल अर्पित करने से एक तो शुक्र ग्रह से जुड़ी पीड़ा दूर होती है और दूसरा, इससे आर्थिक समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
  • बिल्वपत्र : बिल्वपत्र के बिना शिव पूजा अधूरी रहती है। बिल्वपत्र तीन नेत्रों का प्रतिनिधि है। यदि पूजा की कोई सामग्री न हो और मात्र बिल्वपत्र हो तो भी समस्त सामग्री का पुण्य मिल जाता है। शिवजी को एक बिल्वपत्र चढ़ाने से एक करोड़ कन्याओं के कन्यादान का पुण्य मिल जाता है।
  • आंकड़े के फूल : शिवजी को आंकड़े के फूल अत्यंत प्रिय हैं। शिवजी को आंकड़े का एक पुष्प अर्पित करने से एक तोला सोना दान करने के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।

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