Khatu Shyam Lakkhi Mela 2025: कौन हैं खाटू श्याम बाबा? क्या हैं इनका भगवान कृष्ण से कनेक्शन?
Khatu Shyam Lakkhi Mela 2025: आज से विश्वप्रसिद्ध खाटूश्याम बाबा का लक्खी मेला शुरू होने जा रहा है। 12 दिनों तक चलने वाले इस भव्य मेले में दूर-दूर से लोग बाबा श्याम के दर्शन के लिए आते हैं। आज शाम 5 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। आपको बता दें कि इस भव्य मेले के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं।
आपको बता दें कि खाटूश्याम बाबा को कलियुग का कृष्ण कहा जाता है। आपको बता दें कि बाबा का प्रमुख मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है, जिसे "खाटू श्याम मंदिर" कहा जाता है। इनकी महिमा और चमत्कारों के कारण हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।

खाटू श्याम को "श्री श्याम बाबा", "बर्बरीक", और "हारे का सहारा" नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इनके दर से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता है और हारा हुआ इंसान भी बाबा के आशीष से वापस जीत जाता है।
कौन हैं बाबा खाटू श्याम? (Khatu Shyam)
पौराणिक कथाओं के मुताबिक महाभारत काल में, बर्बरीक नाम के एक महान योद्धा थे, जो भगवती दुर्गा के उपासक थे। उनके पास तीन अमोघ बाण थे, जिनसे वे किसी भी युद्ध को एक ही क्षण में समाप्त कर सकते थे। उन्होंने प्रतिज्ञा की थी कि वे युद्ध में उसी पक्ष की सहायता करेंगे जो कमजोर होगा, जब श्रीकृष्ण ने उनसे यह प्रतिज्ञा सुनी, तो उन्हें समझ आया कि यदि बर्बरीक युद्ध में भाग लेते हैं, तो पांडव हार जाएंगे।
श्रीकृष्ण ने दानस्वरूप उनका शीश मांग लिया
इसलिए, श्रीकृष्ण ने उनसे दानस्वरूप उनका शीश मांग लिया। बर्बरीक ने सहर्ष अपना शीश भगवान को अर्पित कर दिया। इस बलिदान से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में वे "श्याम" के रूप में पूजे जाएंगे और उनके भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
खाटू श्याम की पूजा विधि (Khatu Shyam)
- मंदिर में प्रत्येक गुरुवार और रविवार को विशेष पूजा की जाती है।
- खाटू श्याम की आरती सुबह और शाम को मंदिर में होती है।
- बाबा को केसरिया चोला, तुलसी की माला, और चूरमे का भोग अर्पित किया जाता है।
खाटू श्याम आरती (Khatu Shyam)
- ओम जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
- खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे।।
- ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।
- रतन जड़ित सिंहासन,सिर पर चंवर ढुरे।
- तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े।।
- ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।
- गल पुष्पों की माला, सिर पार मुकुट धरे।
- खेवत धूप अग्नि पर, दीपक ज्योति जले।।
- ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।
- मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे।
- सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे।।
- ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।
- झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे।
- भक्त आरती गावे, जय-जयकार करे।।
- ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।
- जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे।
- सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम-श्याम उचरे।।
- ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।
- श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे।
- कहत भक्त-जन, मनवांछित फल पावे।।
- ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।
- जय श्री श्याम हरे, बाबा जी श्री श्याम हरे।
- निज भक्तों के तुमने, पूरण काज करे।।
- ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।
- ओम जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
- खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे।।
- ओम जय श्री श्याम हरे.. बाबा जय श्री श्याम हरे।।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी चीज को अमल लाने के लिए किसी ज्योतिषी और किसी पंडित से अवश्य बात करें।












Click it and Unblock the Notifications