Karwa Chauth 2022 Mantra & Aarti: इन मंत्रों और आरती से कीजिए करवा चौथ की पूजा, सुहाग की होगी लंबी उम्र
करवा चौथ के मंत्र-आरती: कहते हैं ना आस्था में बहुत शक्ति होती है और इसी शक्ति का साक्षात प्रमाण है करवा चौथ का व्रत, जिसमें एक पत्नी अपने पति की लंबी उम्र के लिए पूरे दिन भूखी-प्यासी रहकर तप करती है। करवा चौथ केवल एक उपवास नहीं है बल्कि ये एक नारी की शक्ति का प्रमाण है, जो उसके त्याग, समर्पण और प्यार को पूरी तरह से परिभाषित करता है। करवा चौथ के दिन गौरी-शंकर, भगवान गणेश और चंद्रमा चारों की पूजा होती है। इसलिए आज की पूजा में इन चारों के लिए विशेष मंत्रों का जाप करना आवश्यक है। वैसे भी सनातन धर्म में मंत्रों काफी शक्तिवर्धक बताया गया है, कहते हैं कि मंत्र के उद्घोष से शरीर का हर तंत्र काफी ताकतवर रहता है, ये इंसान के अंदर शक्ति और ऊर्जा भर देता है। इसलिए करवा चौथ पर अगर कोई महिला मंत्रों का जाप करती है तो उसे चौतरफा फल की प्राप्ति होती है। उसके सुहाग की लंबी उम्र होती है, उसके घर में सुख, शांति और प्रेम की बारिश होती है और साथ ही उसके घर में कभी भी धन-वैभव की कोई कमी नहीं होती है।

करवा चौथ के मंत्र
कोई भी पूजा की शुरुआत श्री गणेश से होती है इसलिए आज की पूजा का प्रारंभ भगवान गणेश के इन 5 मंत्रों से करें
- वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा .
- ॐ एकदन्ताय विद्धमहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ति प्रचोदयात् .
- ॐ लम्बोदराय नमः .
- ऊँ गं गणपतये नम: .
- ऊँ श्री गणेशाय नम: .
- ऊँ नमो भगवते गजाननाय
गौरी शंकर के मंत्रों का जाप करें
- ॐ नम: शिवाय
- ॐ महेश्वराय नमः
- ॐ पशुपतये नमः
- नमः शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम्। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे॥
- ॐ पार्वत्यै नमः
- ॐ उमाये नमः
- या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
- सिंदूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्। शुभदं कामदं चैव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्।।

चंद्रमा के मंत्रों का जाप करें
- ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम:।
- चंद्रमा का बीज मंत्र
- ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।
- चंद्रमा का वैदिक मंत्र:
- ॐ इमं देवा असपत्न सुवध्वं महते क्षत्राय महते
- ज्यैष्ठयाय महते जानराज्यायेनद्रस्येन्द्रियाय।
- इमममुष्य पुत्रममुष्यै पुत्रमस्यै विश
- एष वोमी राजा सोमोस्मांक ब्राह्मणाना राजा।।

इन मंत्रों के बाद सभी लोग करवाचौथ की कथा सुनें और उसके बाद अंत में चंद्रमा को अर्ध्य देने से पहले करवा माता की आरती करें।
करवा माता की आरती
- ओम जय करवा मैया,
- माता जय करवा मैया।
- जो व्रत करे तुम्हारा,
- पार करो नइया।।
- ओम जय करवा मैया।
- सब जग की हो माता,
- तुम हो रुद्राणी।
- यश तुम्हारा गावत,
- जग के सब प्राणी।।
- कार्तिक कृष्ण चतुर्थी,
- जो नारी व्रत करती।
- दीर्घायु पति होवे ,
- दुख सारे हरती।।
- ओम जय करवा मैया,
- माता जय करवा मैया।
- जो व्रत करे तुम्हारा,
- पार करो नइया।।
- होए सुहागिन नारी,
- सुख संपत्ति पावे।
- गणपति जी बड़े दयालु,
- विघ्न सभी नाशे।।
- ओम जय करवा मैया,
- माता जय करवा मैया।
- जो व्रत करे तुम्हारा,
- पार करो नइया।।
- करवा मैया की आरती,
- व्रत कर जो गावे।
- व्रत हो जाता पूरन,
- सब विधि सुख पावे।।
- ओम जय करवा मैया,
- माता जय करवा मैया।
- जो व्रत करे तुम्हारा,
- पार करो नइया।












Click it and Unblock the Notifications