Kartik Purnima 2022: भक्तों ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी, जानिए आज क्या करें और क्या ना करें?
Kartik Purnima Do and Donts: आज कार्तिक पूर्णिमा है, आज के पावन दिन पर भक्तों ने काशी के गंगा घाट पर आस्था की डुबकी लगाई है। तीर्थस्थलों में आज सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग हर-हर गंगे का उद्घोष कर रहे हैं। वैसे तो कार्तिक माह के पूरे महीने में भक्तगण स्नान और पूजा-पाठ करते हैं लेकिन जो लोग पूरे महीने पवित्र नदियों में स्नान नहीं कर पाते हैं, वो जरूर आज गंगा स्नान करते हैं। आपको बता दें कि हिंदू धर्म में कार्तिक मास की पूर्णिमा का बहुत महत्व है। आज के दिन स्नान के बाद घाट पर दीया जलाने की परंपरा है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही प्रकाश पर्व भी मनाया जाता है। आपको बता दें कि 08 नवंबर की शाम 04 बजकर 31 मिनट पर होगा।
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कार्तिक पूर्णिमा वाले दिन क्या करें और क्या ना करें?
- आज के दिन तुलसी की पूजा करनी चाहिए।
- आज के दिन तुलसी के पत्ते को नहीं तोड़ना चाहिए।
- तुलसी के पौधे में घी का दीपक जलाएं।
- गरीबों को दान दें।
- जरूरतमंदों की मदद करें।
- हरी सब्जियों का सेवन ना करें।
- नमक ना खाएं।

- मांसाहारी भोजन ना करें।
- मदिरापान ना करें।
- घर में गंदगी ना फैलाएं।
- सात्विक विचारधारा रखें।
- क्लेश ना करें।
- ध्यान करें।
- सहवास ना करें, ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- घर में स्वच्छ रखें, सुंदरता से सजाए।
- चावल, चीनी और दूध का दान करें।

तुलसी पूजन का विशेष महत्व
कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि तुलसी पूजन से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। यमदूतों का भय समाप्त होता है और घर में सुख, शांति का वास होता है। तुलसी पूजन के वक्त इन मंत्रों का जाप करना चाहिए इससे इंसान का सारे कष्टों का अंत हो जाता है।
- ॐ सुभद्राय नमः
- ॐ सुप्रभाय नमः
- मातस्तुलसि गोविन्द हृदयानन्द कारिणी
- नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमोस्तुते ।।
तुलसी मंत्र के बाद पूर्णिमा के लिए भी मंत्रों का जाप करना चाहिए।
- ॐ ऐं क्लीं सौमाय नामाय नमः।
- ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।
- ॐ सों सोमाय नमः। ॐ चं चंद्रमस्यै नम:
- ॐ शीतांशु, विभांशु अमृतांशु नम












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