Hindu New Year 2024: नवसंवत्सर का आरंभ 9 अप्रैल से, कालयुक्त संवत्सर के राजा होंगे मंगल
Hindu New Year 2024: नवसंवत्सर 2081 और शक संवत 1946 का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा दिनांक 9 अप्रैल 2024 मंगलवार से हो रहा है। इस बार कालयुक्त नाम संवत्सर रहेगा जिसका राजा मंगल, मंत्री शनि रहेगा। संवत्सर का प्रारंभ रेवती-अश्विनी नक्षत्र, वैधृति योग में होगा।

सूर्य और चंद्र मीन राशि में स्थित होंगे। इस वर्ष अन्नोत्पादन अच्छा होगा किंतु राजा मंगल होने के कारण अग्निकांड और युद्ध जैसी घटनाएं अधिक होंगी। प्रजा के लिए यह संवत्सव उत्थान का होगा। मंत्री शनि होने के कारण मेहनत अधिक करनी होगी और उसी के अनुसार फलों की प्राप्ति होगी। इस संवत्सर में सात पद क्रूर ग्रहों को जबकि तीन पद शुभ ग्रहों को मिले हैं।
राजा मंगल का फल : मंगल अग्नि, युद्ध, सैन्य ताकत, पराक्रम, बल का प्रतीक है। इस वर्ष अग्निकांड की घटनाएं अधिक होंगी। कहीं कहीं प्राकृतिक आपदाओं में प्रजा की हानि, कहीं अल्पवृष्टि से अन्नोत्पादन में कमी तो कहीं अन्नोत्पादन अच्छा होगा। राजा और प्रजा में भी अनेक तरह के मतभेद और आंदोलन, धरना आदि की स्थिति अधिक बनेगी।
मंत्री शनि का फल : शनि मेहनत करवाता है इसलिए राजा, प्रजा सभी को इस वर्ष मेहनत अधिक करनी होगी। आसानी से कोई काम नहीं होगा, जितनी मेहनत करेंगे उतना शुभ फल प्राप्त होगा। शासकों-प्रशासकों का व्यवहार कठोर होगा। शासन के कठोर निर्णयों से जनका में असंतोष की भावना रहेगी। महंगाई में वृद्धि होगी।
अन्य पदों पर ये ग्रह
नव संवत्सर का सस्येश मंगल, धान्येश सूर्य, मेघेश शुक्र, रसेश गुरु, नीरसेश मंगल, फलेश शुक्र, धनेश चंद्र, दुर्गेश शुक्र होंगे।
रेवती-अश्विन का संयोग
वर्षारंभ रेवती-अश्विनी नक्षत्र के संयोग से हो रहा है। दोनों ही नक्षत्र शुभ फलदायी हैं। इसलिए लोगों के लिए यह दिन अत्यंत श्रेष्ठ रहेगा। वे इस दिन अपने कुल देवी-देवता, अपने गुरु, अपने इष्टदेव, अपने माता-पिता आदि का पूजन कर वर्ष का प्रारंभ करें। प्रात: सूर्य को जल अर्पित करें। गायत्री मंत्र का जाप करें और पूरे दिन केसर का तिलक लगाकर रखें। इससे वर्ष में आने वाले संकटों का नाश होगा।












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