Hartalika Teej 2024: हरतालिका तीज पर भगवान शिव, माता पार्वती का आशीर्वाद पाने के लिए ये चीजें अवश्य करें दान
Hartalika Teej 2024: हरतालिका तीज का व्रत हिंदू महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपवास है। खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में ये ब्रत धूमधाम से मनाया जाता है। हरितालिका तीज का यह व्रत हर वर्ष हिंदू कैंलेडर में पड़ने वाले भादो मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है।
महिलाएं इस दिन भोजन और पानी त्याग कर पूरे 24 घंटे तक निराजल व्रत रहती हैं। ये सबसे कठिन व्रतों में से एक व्रत है। मान्यता है कि जो महिलाएं इसे पूरी श्रद्धा से ये उपवास करती हैं, उनके पति को लंबी उम्र और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है।

इस साल हरतालिका तीज 6 सितंबर को मनाई जाएगी। भगवार शिव और मां पार्वती की पूजा में कुछ खास सामग्री की जरूरत होती हैं। आइए जातने हैं हरितालिक तीज की पूजा करते समय किन सामग्रियों की आवश्यकता होती है और कौन सी चीजें दान करने से माता पार्वती और भोले शंकर का आर्शीवाद मिलता है।
हरतालिका तीज पूजा के लिए आवश्यक सामग्री
- शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाने के लिए गीली मिट्टी
- सुपारी, रूई की बाती
- भगवान के लिए कपड़े, जनेऊ
- अगरबत्ती, मिठाई, इलायची, घी
- सिंदूर, कपूर, पवित्र धागा, शहद,
- पवित्र धागा, शहद, पान का पत्ता, रोली, पीला चंदन
- तुलसी के पत्ते, फूल, भांग की पत्तियां, आम के पत्ते,धतूरा
- पानी वाला नारियल
- पांच तरह के फल
माता पार्वती को अर्पित करने के बाद दान करें ये श्रृंगार का सामान
मेहंदी, सिंदूर, कुमकुम, बिंदी, लाल या हरी चूड़ियाँ, बिछिया, कंघी, शीशा, फीता या रबर बैंड, काजल, नेलपालिश, पैर में लगाया जाने वाला आल्ता, साड़ी या ब्लाउज पीस।
दान की जाने वाली अन्य सामग्री
चावल, चने की दाल, आटा गुड़, आलू, मिठाई, घी, फल (सुबह पूजा करने के बाद सीधा में ये सभी सामग्री महिला छू कर किसी ब्राह्मण को दान करती है) इसके साथ सुहाग का सामान और भगवान शिव को चढ़ाया गया जनेऊ, अगोछा भी दान करने की परंपरा है। अगर सामर्थ हो तो किसी ब्राह्मण विवाहित जोड़े को तीज के दूसरे दिन सुबह पकवान बना कर भर पेट भोजन करवाना चाहिए।












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