Dussehra 2024 Aaj: आज है दशहरा, जानिए क्या है रावण-दहन का मुहूर्त?
Dussehra 2024 Kab Hai : दशहरा पर्व अपने साथ बहुत सारी खुशियां और उमंग लेकर आता है लेकिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर मन में थोड़ा कन्फ्यूजन पैदा हो गया है।
दरअसल कुछ लोग कह रहे हैं कि दशहरा आज है तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ये पर्व 13 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

आपको बता दें कि आश्विन शुक्ल दशमी तिथि आज सुबह 10 बजकर 58 मिनट से शुरू होगी और इसका अंत 13 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगा। इसलिए दशहरा आज ही मनाया जा रहा है।
इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध कर सीता मां को उसके चंगुल से छुड़ाया था। इस दिन अधर्म का नाश हुआ हुआ और धर्म की जीत हुई थी।
देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय के रूप में भी मनाया जाता है
यही नहीं इस दिन को देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय के रूप में भी मनाया जाता है और इसी कारण ये 'विजयादशमी' नाम से भी जाना जाता है।
दशहरे का मुहूर्त (Dussehra Muhurat)
- शस्त्र पूजन मुहूर्त - 12 अक्टूबर को 02:02 PM to 02:48 PM
- रावण दहन मुहूर्त -12 अक्टूबर को 5:52 PM to 7:26 PM
दशहरा की पौराणिक कथा ( Dussehra Katha)
रामायण के अनुसार, लंका के राजा रावण ने माता सीता का हरण कर लिया था, जिसके बाद भगवान राम ने हनुमान, लक्ष्मण और वानर सेना की सहायता से रावण से युद्ध किया। इस युद्ध में रावण का अंत दशहरे के दिन हुआ था, जिसे बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में देखा जाता है।
देवी दुर्गा ने नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध किया था
एक अन्य कथा के अनुसार, देवी दुर्गा ने नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध किया और दसवें दिन उसे पराजित कर दिया। इसलिए इस दिन को 'विजयदशमी' भी कहा जाता है, जो शक्ति और धर्म की जीत का प्रतीक है।
दशहरा का महत्त्व
दशहरा केवल पौराणिक कथाओं से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि इसका सांस्कृतिक और सामाजिक महत्त्व भी है। इस दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के विशाल पुतले बनाए जाते हैं और शाम को उनका दहन किया जाता है। यह प्रतीकात्मक रूप से अहंकार, अधर्म और अन्याय के विनाश का संदेश देता है।
दशहरा नए कार्यों की शुरुआत का भी प्रतीक है
इसके साथ ही, दशहरा नए कार्यों की शुरुआत का भी प्रतीक है। किसान इस दिन नई फसलों की पूजा करते हैं और शस्त्र पूजन भी किया जाता है। व्यापारियों के लिए भी यह दिन खास होता है, क्योंकि इसे आर्थिक समृद्धि और उन्नति का प्रतीक माना जाता है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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