Dussehra 2021: जानिए 'दशहरे' का महत्व और रावण दहन का शुभ-मुहूर्त
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा पर्व 15 अक्टूबर को है। इस दिन प्रभु श्री राम ने दस मुंह वाले रावण का वध किया था इसलिए इसे 'दशहरा' कहते हैं। जबकि इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था इसी कारण ये दिन 'विजयदशमी' भी कहलाता है। रावण दहन अलग-अलग जगहों में अलग अलग तरीकों से किया जाता है। हालांकि कोविड के कारण इस बार देश में भव्य आयोजन नहीं हो रहे हैं लेकिन हर जगह अपने-अपने हिसाब से कोविड प्रोटोकॉल के तहत दशहरा सेलिब्रेट किया जा रहा है।

विजयदशमी पूजन का मुहूर्त
- विजय मुहूर्त: 15 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 38 मिनट से 02 बजकर 24 मिनट तक।
- दशमी तिथि शुरू: 14 अक्टूबर शाम 06 बजकर 52 मिनट से।
- तिथि समाप्त: 15 अक्टूबर शाम 06 बजकर 02 मिनट पर।
- रावण दहन का शुभ समय 19 बजकर 26 मिनट से 21 बजकर 22 मिनट तक

विजयदशमी का दिन काफी शुभ
- विजयदशमी का दिन काफी पावन माना जाता है।
- नया काम या नया रोजगार शुरू करने के लिए ये दिन काफी शुभ माना जाता है।
- इस दिन लोग शस्त्रों की पूजा करते हैं।
- इस दिन कुछ जगहों पर मां के सभी रूपों की एक साथ पूजा करके उनकी विदाई करते हैं।

पूजा विधि
- इस दिन सबको सुबह-सुबह नहा धोकर स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए और शस्त्रों की पूजा करनी चाहिए।
- मां दुर्गा की चालीसा पढ़नी चाहिए और आरती करनी चाहिए।
- तोवहीं भगवान राम की चालीसा और स्तुति करने के बाद आरती करनी चाहिए।

महत्व
- ये दिन है बुराई पर अच्छाई की जीत का।
- ये दिन है अधर्म पर धर्म की जीत का।
- ये दिन है असत्य पर सत्य की जीत का।
- ये दिन है अंधकार पर प्रकाश की जीत का।
आज के दिन लोगों को इन सारी बातों से शिक्षा लेनी चाहिए और सत्य के मार्ग पर चलने का फैसला करना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications