Budha Purnima 2023: 'बुद्धं शरणं गच्छामि...' बुद्धपूर्णिमा पर करें बुद्ध वंदना, होगी ज्ञान की प्राप्ति
Budha Purnima 2023: इस बार बुद्ध पूर्णिमा के दिन साल का चंद्र ग्रहण लग रहा है इसकी वजह से भी ये दिन बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।

Budha Purnima 2023 ( बुद्ध वन्दना): वैशाख माह की पूर्णिमा के दिन बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। ये दिन बेहद ही पावन हैं। भगवान बुद्ध ने ही बौद्ध धर्म की आधारशिला रखी थी। तो वहीं हिंदू धर्मे के लोग उन्हें भगवान विष्णु का 9वां अवतार मानते हैं। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि उन्हें पूर्णिमा के दिन ही ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इस बार ये पावन दिन 5 मई को पड़ रहा है। इस दिन जो भी महात्मा बुद्ध को सच्चे मन से याद करता है और उनका वंदन करता है। उन्हें भी ज्ञान की प्राप्ति होती है। यहां पेश है बुद्ध वंदना, जिसका नियमित रूप से हर किसी को पाठ करना चाहिए।
बुद्ध वंदना
- नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स ।
- नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स ।
- नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स ।
त्रिशरण
- बुद्धं शरणं गच्छामि ।
- धर्मं शरणं गच्छामि ।
- संघं शरणं गच्छामि ।
- दुतियम्पि बुद्धं सरणं गच्छामि ।
- दुतियम्पि धम्म सरणं गच्छामि ।
- दुतियम्पि संघ सरणं गच्छामि ।
- ततियम्पि बुद्धं सरणं गच्छामि ।
- ततियम्पि धम्म सरणं गच्छामि ।
- ततियम्पि संघ सरणं गच्छामि ।
पंचशील
- पाणतिपाता वेरमणी सिक्खापदं समादियामि ।
- अदिन्नादाना वेरमणी सिक्खापदं समादियामि ।
- कामेसु मिच्छाचारा वेरमणी सिक्खापदं समादियामि ।
- मुसावादा वेरमणी सिक्खापदं समादियामि ।
- सुरा-मेरय-मज्ज-पमादट्ठानावेरमणी सिक्खापदं समादियामि ।
- ॥ भवतु सर्व मंगलं ॥
बुद्ध चालीसा ( Gautam Buddha Chalisa)
- श्री गौतम बुद्ध चालीसा दोहा ध्याऊं गुरु को सर्वप्रथम ,
- ध्यान भारत देश ।
- जिनके सुमिरन से मिटे, संकट और क्लेश ।।
- जन्म मरण के चक्र से, तारो प्रभु अमिताभ ।
- करुणा सागर दीजिए , गुण बुधि विद्या लाभ ।।
यहां देखें पूरा Video
बुद्ध पूर्णिमा का व्रत 5 मई को
वैसे को पूर्णिमा का प्रारंभ 4 मई को रात 11 बजकर से होगा लेकिन बुद्ध पूर्णिमा का व्रत 5 मई को रखना होगा क्योंकि पूजा-पाठ के लिए उदया तिथि मान्य होती है।












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