डॉ. शमीम की कृति 'चौपाल पै रोडवेज़' का विमोचन

'चौपाल पै रोडवेज़' हरियाणवी हास्य पर आधारित डॉ0 शमीम शर्मा की छठी कृति है और इस पुस्तक में उन्होंने हरियाणा की बसों में घटित हास्य किस्सों को समाहित किया है। अपनी इस पुस्तक की भूमिका में उन्होंने लिखा है कि 'बस सिर्फ एक वाहन का नाम नहीं है अपितु बसों में एक संस्कृति बसती है, वहां की अपनी तहज़ीब है, तकलीफ है, मस्ती है, अभाव है, भीड़ है, खीझ है, साहित्य है, गालियां हैं, लेनदेन है और धक्कामुक्की है।'
उन्होंने आगे लिखा है कि 'दरअसल एक मजाकियान रोडवेज़ की बसों के स्टेयरिंग से लेकर सीट, टिकट, बस की खिड़की-दरवाजों, कंडक्टर और सवारियों तक में बिखरा पड़ा है।' हमारे कंडक्टर-चालक मीठी चुटकी काटने में सिद्धहस्त हैं। उनकी चुटकियों पर आप तिलमिलाने की बजाय सिर्फ हंस सकते हैं। ना तो उन जैसी कोई बस चला सकता है और ना ही उन जैसे हास्य से भरपूर तेवर दिखा सकता है। उनकी बड़बड़ाहट और गुर्राहट में भी स्वाद है।
इस कृति के विमोचन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि मोहम्मद शाहीन ने कहा कि यह कृति हरियाणवी हास्य में तो इजाफा करती ही है और साथ ही साथ एक वर्ग विशेष के हास्य को रेखांकित करने का महत्वपूर्ण कार्य भी करती है। पुस्तक का विमोचन करने उपरांत अपनी टिप्पणी देते हुए उदयभानु हंस ने कहा कि शमीम ने हरियाणवी हास्य को संचित करने का उल्लेखनीय ऐतिहासिक कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि मनोज छाबड़ा के रेखांकन से पुस्तक में ज़बरदस्त उभार आ गया है और रोचकता द्विगुणित हो गई है। इस अवसर पर व्यंग्यकार मधुसूदन पाटिल ने 'चौपाल पै रोडवेज़' में संकलित किस्सों की रोचकता पर अपने व्याख्यान में कहा कि पुस्तक पढ़ते हुये एकदम लगता है कि रोडवेज़ की बस में सफर कर रहे हैं और कोई बढिय़ा सा मज़ाकिया किस्सा घटते हुए देख रहे हैं। सपु्रसिद्ध कार्टूनिस्ट मनोज छाबड़ा ने अपनी रेखांकन कला का विश्लेषण करते हुये कहा कि वे हास्य से भरपूर इन किस्सों को पढ़कर रोचक कार्टून बनाने में सफल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इस कृति में हरियाणा रोडवेज़ में घटित पलों की सूक्ष्मताओं को हास्य का प्रगाढ़ रंग चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया है। शमीम शर्मा की हरियाणवी हास्य पर आधारित 'चौपाल पै मखौल-भाग-1 तथा 2', 'चौपाल के चाले', 'चौपाल पै ताऊ', 'चौपाल पै टाब्बर टोल़' पांच कृतियों का प्रकाशन हो चुका है, जिनके अनेक संस्करण प्रकाशित भी हो चुके हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान भिवानी रोहिला ग्राम में स्थित महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में पुस्तक के विमोचन समारोह के दौरान 20 हजार रूपए की राशि की छात्रवृत्तियां भी बांटी गई। इस अवसर पर कॉलेज प्रशासन की ओर से कुल बारह छात्राओं को छात्रवृत्तियां प्रदान की गई। छात्रवृति हेतु यह सहयोग राशि श्रीमती आशा किरण, विनीता सेठ और कनुज गुप्ता के द्वारा जरूरतमंद एवं मेधावी छात्राओं को वितरित की गई। इस अवसर पर कॉलेज के निदेशक अज़ीज़ प्रधान, प्रशासक सुनयना प्रधान सहित कॉलेज का सम्पूर्ण स्टॉफ एवं सभी छात्रायें उपस्थित थे।












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