Apara Ekadashi 2025 Aaj hai: अपरा एकादशी आज, क्या है पूजाविधि और महत्व?
Apara Ekadashi 2025 kab hai: ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि को अपरा एकादशी मनाई जाती है, हर एकादशी की तरह ये एकादशी भी काफी महत्वपूर्ण है, कहते हैं इस दिन जो भी भगवान विष्णु की पूजा सच्चे मन से करता है, उसकी सारी मनोकामना पूरी होती है और उसके सारे कष्टों का अंत होता है। आज पूरे भारत में अपरा एकादशी मनाई जा रही है।

मालूम हो कि एकादशी तिथि कल रात 1:12 AM से प्रारंभ हो गई थी जो कि आज रात 10:29 PM पर समाप्त होगी, उदया तिथि मान्य होने की वजह से एकादशी का व्रत आज रखा गया है।
अपरा एकादशी पूजा विधि (Apara Ekadashi Puja Vidhi)
- एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
- भगवान विष्णु की तस्वीर को गंगाजल से शुद्ध कर पीले वस्त्र पहनाएं।
- विष्णु चालीसा का पाठ करें।
- तुलसी दल, पीले फूल, धूप-दीप से भगवान की पूजा करें।
- भोग में फल, पंचामृत, और तुलसी पत्र अर्पित करें।
- आरती करें, प्रसाद बाटें और भजन करें।
- द्वादशी के दिन व्रत का पारण करें।
अपरा एकादशी का महत्व (Apara Ekadashi Significance)
- यह व्रत पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है।
- इस व्रत को करने से व्यक्ति को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
क्या करें (Do):
- सात्विक आहार लें और वाणी में संयम रखें।
- ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- जरूरतमंदों को वस्त्र, अन्न, या धन का दान करें।
क्या न करें (Don't):
- झूठ बोलना, क्रोध करना और विवाद से बचें।
- प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा आदि तामसिक चीजों का सेवन न करें।
- दिन में सोना, परनिंदा करना व अपवित्र स्थानों पर जाना वर्जित है।
- बाल, नाखून या दाढ़ी काटना भी निषेध माना जाता है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।












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