Adhik MaasAdhik Maas 2023: पुष्य नक्षत्र और हर्ष योग में प्रारंभ होगा श्रावण अधिकमास
Adhik Maas 2023: श्रावण अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) 18 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। पुष्य नक्षत्र और हर्षण योग में प्रारंभ हो रहे पुरुषोत्तम मास में भगवान शिव के साथ श्रीहरि विष्णु का पूज-आराधना, भक्ति विशेष फलदायक रहने वाली है। जिस कामना की पूर्ति के उद्देश्य से दोनों देवों का पूजन करेंगे उसमें शीघ्र ही सफलता मिलने वाली है। श्रावण अधिकमास 16 अगस्त तक चलेगा।

क्या करें अधिकमास में
यह श्रावण अधिकमास है इसलिए इसमें भगवान शिव और श्रीहरि नारायण दोनों की ही भक्ति पूजा समान रूप से करना चाहिए। अधिकमास में व्रत, नियम, संयम का पालन करना चाहिए। प्रत्येक गृहस्थ को नियमित रूप से पंचामृत से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए। शिवजी का पूजन बेलपत्र, धतूरा, आंकड़े के फूलों से करें और भगवान विष्णु को तुलसीपत्र प्रत्येक दिन अर्पित करें। आप शैव संप्रदाय के अनुगामी हैं या वैष्णव हैं। समान रूप से दोनों देवों का पूजन अनिवार्य रूप से करें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि श्रीहरि के साथ लक्ष्मी का पूजन और शिवजी के साथ पार्वती का पूजन अवश्य करें।
पुष्य नक्षत्र और हर्ष योग का संयोग
अधिकमास के प्रारंभिक दिन पर पुष्य नक्षत्र और हर्ष योग का आना आनंददायक और परिवार में प्रीति बढ़ाने वाला है। आज विधि पूर्वक और संयम सहित किया जाने वाला पूजन सफलतादायक रहेगा। धन वृद्धि, वंश वृद्धि, भूमि वृद्धि प्राप्त होगी। संयम, धैर्य और सात्विकता में वृद्धि होगी।
अधिकमास में करें यह विशेष उपाय
जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता, धन वृद्धि, सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए अधिकमास के सभी दिनों में एक विशेष उपाय अवश्य सभी को करना चाहिए। इस मास में प्रत्येक दिन सभी वर्गों के जातक नियमित रूप से दो पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनका विधिपूर्वक पूजन करें। प्रत्येक दिन के पार्थिक शिवलिंग का विसर्जन अधिकमास के अंतिम दिन किसी पवित्र नदी में करें। ब्राह्मणों को भोजन करवाकर उचित दक्षिणा, वस्त्रादि भेंट करें।












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