'आप' जानना चाहती है कि क्या दिल्ली भाजपा अपने भ्रष्ट पार्षदों को सस्पेंड करेगी?- सौरभ भारद्वाज
नई दिल्ली, 9 जून। आम आदमी पार्टी ने भाजपा द्वारा साउथ एमसीडी में भ्रष्ट पार्षदों को महापौर और नेता सदन बनाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। 'आप' के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिसको जेल भेजने के लिए कहा था और जिसने सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगी थी, ऐसे पार्षद को भाजपा ने महापौर बना दिया है। अधिकारियों को धमकाने और सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगने वाले पार्षद मुकेश सुर्यान को भाजपा ने साउथ एमसीडी का महापौर नियुक्त किया है। साउथ एमसीडी में भाजपा के नेता सदन इंद्रजीत सहरावत की संपत्ति भी पिछले तीन साल में कई गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि एमसीडी चुनाव से पहले दिल्ली को जितना लूटा जा सकता है, उतना लूटने की दिल्ली भाजपा में तैयारी चल रही है। आम आदमी पार्टी जानना चाहती है कि क्या दिल्ली भाजपा अपने भ्रष्ट पार्षदों को सस्पेंड करेगी?

भाजपा ने एमसीडी चुनाव करीब देखते हुए चुनाव के लिए पैसा इकट्ठा करने की जिम्मेदारी इन नेताओं को सौंपी है
आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक सौरभ भारद्वाज ने आज पार्टी मुख्यालय में भाजपा द्वारा एमसीडी में नियुक्त किए गए नए महापौर और नेता सदन को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले कई दिनों से हम लोग दिल्ली नगर निगमों के अंदर भाजपा के पार्षदों के बारे में और नगर निगमों के अंदर भाजपा की जो सरकार चल रही है, उसके के बारे में बता रहे हैं। हमने कई पार्षदों के बारे में खुलासे किए कि किस तरह से ये भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और रंगे हाथों पकड़े जा रहे हैं। उस समय एक बेनिफिट ऑफ डाउट पार्टी को जाता है कि पार्टी ने किसी को टिकट दिया और वह जीत कर पार्षद बन गया। लेकिन वह भ्रष्टाचारी है, तो पार्टी किसी के अंदर यह झांक कर नहीं देख सकती है कि वह भ्रष्टाचारी था और उन्होंने उसको टिकट दिया। लेकिन आज हम मीडिया के माध्यम से दिल्ली की जनता के सामने यह खुलासा कर रहे हैं कि किस तरह से भ्रष्टाचार में डूबे हुए पार्षदों को भाजपा नेता सदन बना रही है। यह बहुत ही शर्म की बात है कि इतने सारे पार्षदों में से भाजपा को सबसे ज्यादा भ्रष्टाचारी पार्षद ही दिखाई दिए कि उनको इतने बड़े पदों पर नियुक्त किया जा रहा है। जाहिर सी बात है कि एमसीडी के चुनाव आ रहे हैं, तो चुनाव के लिए पैसा इकट्ठा करने की जिम्मेदारी भाजपा ने अब इन नेताओं को सौंपी है।
भाजपा ने 2017 के एमसीडी चुनाव में भ्रष्टाचार में लिप्त अपने सभी मौजूदा पार्षदों को बदल कर नए चेहरों को टिकट दिया था
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा द्वारा साउथ एमसीडी में बनाए गए नेता सदन इंद्रजीत सहरावत साउथ एमसीडी के महापौर मुकेश सुर्यान के बारे में खुलासा किया। उन्होंने महिपालपुर के पार्षद और भाजपा द्वारा एसडीएमसी के नेता सदन बनाए गए इंद्रजीत सहरावत के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि भाजपा ने जब 2017 में एमसीडी का चुनाव लड़ा था, तब नारा दिया था, 'नए चेहरे नई उड़ान, दिल्ली मांगे कमल निशान' और भाजपा ने अपने सभी मौजूदा पार्षदों को बदल दिए थे, क्योंकि सभी पार्षदों को जनता न तो पसंद करती थी और बहुत बदनाम थे। बहुत सारे पार्षदों के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे। अवैध मकान बनाने से लेकर दुकान खोलने तक में खुलकर के पैसे मांगे जा रहे थे। इसलिए भाजपा ने सभी पुराने पार्षदों को बदलकर नए चेहरों को लाया था। इंद्रजीत सहरावत महिपालपुर के वार्ड से पहली बार पार्षद चुने गए हैं और इस बार इनको नेता सदन बनाया गया है।
एमसीडी चुनाव- 2017 के दौरान इंद्रजीत सहरावत पास 1 करोड़ 24 लाख रुपए की संपत्ति थी।
सौरभ भारद्वाज ने मीडिया को दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि यह वे कागज हैं, जो इन्होंने खुद अपने हलफनामे में 2017 के एमसीडी चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को दिए थे। तब इंद्रजीत सहरावत और उनकी पत्नी के पास कुल मिलाकर 150 गज जमीन थी। एक संपत्ति महिपालपुर में एल-128 थी, जिसकी कीमत उन्होंने एफिडेविट में 43 लाख बताई है, जबकि बसंतपुर स्थित पाॅकेट-के में एक फ्लैट़ था, जो इनका और इनकी पत्नी का आधा-आधा है और इसकी कीमत करीब एक करोड़ 15 लाख रुपए हैं। उस दौरान इनकी यह अचल कुल संपत्ति थी। इसके अलावा, इन्होंने अपने एफिडेविट में अपनी चल संपत्ति बताई है। इसमें बैंक में जमा पैसा, जेवरात और वाहन आदि शामिल हैं। इंद्रजीत सहरावत के पास दो गाड़ियां थी, जिसमें एक मारुति स्विफ्ट और एक यामाहा बाइक थी। इस तरह, चल संपत्ति के तौर पर इनके पास करीब 1.5 करोड़ रुपए था और 58 लाख रुपए की संपत्ति इनकी पत्नी के पास थी। इसके अलावा 42-42 लाख रुपए इन दोनों लोगों के ऊपर लोन थे। देनदारी को घटाकर इनके पास कुल चल संपत्ति 1 करोड़ 24 लाख रुपए थी, जो इनके एफिडेविट में दर्ज है।
मात्र दो साल के अंदर इंद्रजीत सहरावत के पास कैश दोगुना और प्रॉपर्टी तीन गुनी हो गई है
उन्होंने आगे कहा कि हर पार्षद को प्रत्येक साल एमसीडी के अंदर अपना ब्यौरा देना पड़ता है कि अब उसके पास कितनी चल और अचल संपत्ति है। वहीं, इंद्रजीत सहरावत के 2019-20 के अनुसार जो इनकी संपत्ति है, वह 1 करोड़ 24 लाख से बढ़कर 2 करोड़ 58 लाख रुपए हो गई है। इंद्रजीत सहरावत पार्षद हैं और इनको कोई सैलरी नहीं मिलती है, इनका कोई कारोबार भी नहीं बताया गया है, लेकिन इनकी संपत्ति मात्र दो साल (2017 से 2019) में बढ़ कर दोगुनी हो गई है। हैरानी की बात यह है कि इनकी प्रॉपर्टी भी कई गुना बढ़ गई है। पहले इनके पास एक महिपालपुर और दूसरी बसंत कुंज में मात्र दो प्रॉपर्टी थी। इन्होंने 2019-20 में जो अपना एफिडेविट एमडीएमसी में दिया है। उसके अनुसार, इनके पास महिपालपुर में एल-128 में एक जगह है। महिपालपुर में एक दूसरी जगह एल-310 है और महिपालपुर में एक तीसरा प्लाट 867/2 है। बसंतपुर का प्लाॅट इनका पुराना है। इसके अलावा, इनकी महिपालपुर में ही 845/3 और 845/4 प्राॅपर्टी है। ये अनाप शनाप प्रॉपर्टी पर काबित हैं और इन्होंने प्राॅपर्टी के मनगढ़ंत कीमत लिखी हुई है। अगर महिपालपुर के अंदर पांच-पांच लाख रुपए में प्लाॅट आने लगे, तो सारे गरीब वहीं बस जाएंगे। 2019-20 में इन्होंने जो 3/1 साउथ एमसीडी के अंतर्गत रिटर्न फाइल की है, उसके अनुसार इन्होंने मात्र दो साल के अंदर करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित की है। भाजपा के इन पार्षद का यह हाल है। मात्र दो साल के अंदर इनके पास जो कैश था, वह भी दोगुना हो गया और उसकी प्रॉपर्टी तीन गुनी हो गई है।
अधिकारियों के साथ बदसलूकी करने और धमकाने पर मुकेश सुर्यान ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी थी
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा द्वारा साउथ एमसीडी में महापौर नियुक्त किए गए पार्षद मुकेश सुर्यान के संबंध में कहा कि भाजपा के कई पार्षद अनाधिकृत प्रॉपर्टी को बनवाने के लिए 10-10, 20-20 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए हैं। जाहिर सी बात है कि अवैध निर्माण के लिए पैसा लिया जाता है और अगर उस पर कोई अधिकारी कार्रवाई करता है, तो पार्षद खुद उसको बचाने के लिए पहुंचते हैं। इसी तरह का मामला नजफगढ़ जोन में हुआ। जहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई हो रही थी। उस दौरान पर मुकेश सुर्यान वहां पहुंचकर अधिकारियों के साथ हाथापाईं की, गाली-गलौंच की, जान से मारने की धमकी दी और अफसरों को डराया-धमकाया। उसके बाद दोबारा अधिकारी गए, उनको फिर डराया और भगाया। तीसरी बार, जोन के डिप्टी कमिश्नर विश्वेंद्र वहां गए। मुकेश सुर्यान ने वहां पर उनसे भी बदसलूकी की और विश्वेंद्र का तबादला करा दिया। एमसीडी की इंजीनियर्स एसोसिएशन सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सुप्रीम कोर्ट में यह सारी बातें बताई गईं। सुप्रीम कोर्ट में पर मुकेश सुर्यान को बुलाया गया। मुकेश सुर्यान ने सुप्रीम कोर्ट में लिखित माफी मांगी। माफी के अंदर जब उन्होंने कुछ शर्ते डाली, तो सुप्रीम कोर्ट ने इनको डांटा और इनको यह कहा गया कि अगली बार आप अपना बैग लेकर आना और आपको यहीं से सीधे तिहाड़ भेजेंगे। इस पर, फिर मुकेश सुर्यान ने बिना शर्त लिखित माफी मांगी। सुप्रीम कोर्ट के कहने पर उस जोन के डीसी विश्वेंद्र का जो इन्होंने तबादला कराया था, उनको वापस नजफगढ़ जोन में ट्रांसफर किया गया। इस दौरान सौरभ भारद्वाज ने उस दौरान मीडिया में छाई कुछ प्रमुख सुर्खियों की याद भी दिलाई। भाजपा ने कल जो नेता सदन और महापौर बनाया है, यही इनकी हकीकत है। बहुत हैरानी की बात है कि इस तरह की प्रवृत्ति के लोग भाजपा में अब नेतृत्व करने पहुंच रहे हैं। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि भाजपा के अंदर पैसे कमाने की कितनी ज्यादा बेकरारी है कि चुनाव से पहले दिल्ली को जितना लूटा जा सकता है, उसको लूटने की तैयारी दिल्ली भाजपा में चल रही है।












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