उत्तराखंड: उद्योग सेक्टर को आर्थिक संकट से उबारने के लिए 1500 करोड़ रुपए का लोन देगी सरकार

देहरादून, जून 28। कोरोना काल में आर्थिक संकट से उबरने के लिए प्रदेश के 41,485 उद्योगों को 1500 करोड़ रुपये का ऋण आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत प्रदान किया गया। इसके अलावा रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने ऋण दरों में कमी कर सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमिता संस्थान (एमएसएमई) सेक्टर को पुर्नस्थापित करने में मदद की। देश के एमएसएमई के समक्ष कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी व तैयार माल का आर्डर कम मिलना चुनौती बना हुआ है। वहीं उत्तराखंड के उद्यमी कुशल उद्यमशीलता व परिस्थितियों के सामान्य होने से प्रगति कर रहे हैं।

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यह जानकारी रविवार को अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के उपलक्ष्य में पटेलनगर स्थित उद्योग निदेशालय में निदेशक सुधीर चंद नौटियाल ने दी। उन्होंने कहा कि अधिकतर औद्योगिक समूहों का मानना है कि उत्तराखंड राज्य का औद्योगिक वातावरण सर्वाधिक उपयुक्त है। इसलिए यह उद्योग समूह लगातार निवेश में वृद्धि कर रहे हैं। केंद्र सरकार की औद्योगिक विकास योजना-2017 उत्तराखंड में 31 मार्च, 2022 तक प्रभावी है। इस योजना के तहत उद्योगों को प्लांट विस्तार व मशीनरी में किए गए अधिकतम पांच करोड़ रुपये के पूंजी निवेश पर 30 फीसद सब्सिडी दी जा रही है।

इसके अलावा भवन व मशीनरी के बीमा के प्रीमियम की पांच वर्ष तक प्रतिपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 68860 एमएसएमई इकाइयां स्थापित हैं, जिनमें 14,500 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। संगोष्ठी में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, उत्तराखंड के चेयरमैन राकेश भाटिया ने कहा कि राज्य सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए कई पहल की हैं। जिसका लाभ इकाइयों को मिल रहा है। सिंगल विंडो व ईज आफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से उद्योगों को कई प्रकार से राहत दी गई है।

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