Advaitha-A symphony music award: HBA ने डूबने से बचाव के बारे में जागरूकता के लिए संगीत प्रतियोगिता आयोजित की
Advaitha-A symphony music award: डूबने से बचाव के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हेमेंत बाला अद्वैता (HBA) फाउंडेशन ने एक खास संगीत प्रतियोगिता "अद्वैता - ए सिम्फनी" का आयोजन किया। यह प्रतियोगिता अद्वैता वर्मा के माता-पिता द्वारा की गई थी, अद्वैता वर्मा वो ही थे जिसकी 23 जून 2024 को पवना झील (पुणे) में डूब कर दर्दनाक मौत हो गई थी।
अद्वैता के माता-पिता ने ये पहल लोगों को डूबने के खतरों के प्रति सतर्क करने के लिए की गई ताकि ऐसे हादसों से बचाया जा सके। शुरुआत में संसाधनों की कमी के कारण इसे एनसीआर क्षेत्र तक सीमित रखा गया था। हालांकि, प्रतियोगिता को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, एक महीने के भीतर लगभग 100 प्रतिभागी ऑनलाइन अभियान के माध्यम से आकर्षित हुए।

विशेषज्ञों ने 22 प्रतिभागियों को शॉर्टलिस्ट किया, जिनमें से 12 गायकों ने 6 सितंबर को अंतिम कार्यक्रम में प्रदर्शन किया। यह तारीख अद्वैता के जन्मदिन के बजाय चुनी गई क्योंकि उनके जन्मदिन पर शिक्षक दिवस था। परिवार और दोस्तों से भारी समर्थन मिला, और न्यूजएक्स, वनइंडिया, और बिग एफएम जैसे मीडिया हाउस ने मीडिया पार्टनर के तौर पर सहभागिता की।
दिल्लीवासी और स्कूली छात्र भी कार्यक्रम में पहुंचे
गुंजन झा ने बिना किसी फीस के इस नायाब पहल से संबंधित कार्यक्रम का संचालन किया, और गरम कलाकार टीम नागपुर से दिल्ली आई। दिल्ली के हर कोने से लोग इस कार्यक्रम में पहुंचे और कुछ स्कूलों ने अपने छात्रों को कार्यक्रम के विषय के बारे में जागरूक करने के लिए भेजा।

किसने जीती ये प्रतियोगिता?
प्रतियोगिता के स्पेशल जजों द्वारा 22 प्रतिभागियों को चुना गया, जिनमें से 12 फाइनलिस्ट ने 6 सितंबर को दिल्ली में मंच पर लाइव प्रस्तुति दी। इनमें तीन विजेताओं को क्रमशा नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।
- श्रेया वर्मा (गीत: इम्तिहां हो गई इंतजार की) - ₹51,000 का नकद पुरस्कार
- जेन्या विश्वकर्मा (गीत: सुनो सजना पपीहे ने) - ₹31,000 नकद पुरस्कार
- आर्यमान छाबड़ा (गीत: लगा चुनरी में दाग) - ₹21,000 नकद पुरस्कार
- सभी फाइनलिस्ट को भी सम्मानित किया गया।
मंच पर भावनात्मक भाषण और जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्म भूषण शास्त्रीय नृत्यांगना सोनल मानसिंह ने कहा कि इतनी कम उम्र में किसी की जान जाना बेहद दुखद है और इस पर समाज को जागरूक होना चाहिए।
पद्म श्री शोवना नारायण ने कहा कि बच्चों को जलसुरक्षा के नियमों के बारे में जागरूक करना जरूरी है।
बिग एफएम के आरजे कुरफती नितिन ने जल निकायों के पास सुरक्षा इंतजाम जरूरी बताए।
सेना के पूर्व मेजर जनरल केके सिन्हा ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को पानी से जुड़े खतरों के बारे में बताना कभी न भूलें।
माता-पिता का संदेश: 'सुरक्षा ज़रूरी है'
अद्वैता के पिता सुदेश वर्मा ने कहा कहमें प्रशासन को जवाबदेह बनाना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सरकार पर्यटन स्थलों का विज्ञापन कर रही है और राजस्व कमा रही है, तो उसे पानी के स्थलों को सुरक्षित बनाने के उपाय करने चाहिए। उन्होंने बच्चों से किसी भी जल निकाय में प्रवेश करते समय सुरक्षा उपायों के बारे में पूछने का आग्रह किया।
सुदेश ने बताया कि मीडिया द्वारा अद्वैता के डूबने और माता-पिता द्वारा सरकार के खिलाफ लापरवाही के लिए मामला दर्ज करने के कारण प्रशासन अधिक सावधान हो गया था। अद्वैता की मृत्यु के बाद पिछले एक साल में, पवना झील में डूबने का एक भी मामला सामने नहीं आया, जहां पहले अक्सर ऐसी दुर्घटनाएं होती थीं
यह प्रतियोगिता पूरे भारत में आयोजित होगी
HBA फाउंडेशन के संयोजक संतोष वर्मा ने घोषणा की कि अगले साल से यह प्रतियोगिता अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित की जाएगी, ताकि पूरे देश में डूबने से बचाव को लेकर जागरूकता फैलाई जा सके।
अद्वैता कौन थे?
अद्वैता वर्मा, एक होनहार छात्र थे, जिन्होंने डीपीएस नोएडा और मॉडर्न स्कूल बाराखंबा से पढ़ाई की। वे क्रिकेट और संगीत दोनों में शानदार थे। उन्होंने बिना किसी औपचारिक ट्रेनिंग के खुद से संगीत सीखा और कई मंचों पर प्रस्तुति दी। वे सिम्बायोसिस की संगीत सोसाइटी में संयोजक भी बने थे। पवना झील की दुर्घटना में उनकी असमय मृत्यु ने परिवार को झकझोर दिया।












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