अवैध वाहनों पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, अब बनाया ये प्लान
दिल्ली, 24 जून: दिल्ली सरकार अवैध वाहनों को लेकर बड़ा फैसला करने जा रही है। अब अवैध वाहनों को फिटनेस के आधार पर फिर से चलाने की तैयारी की जा रही है। इसे लेकर दिल्ली परिवहन विभाग 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने की अनुमति प्राप्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी में अर्जी देने वाली है। आपको बता दें कि दिल्ली में इस समय 30 लाख से अधिक ऐसे पेट्रोल और डीजल वाहन है। जो इन नियमों के चलते बंद हैं। आंकड़ों की माने तो इसमें छह लाख से अधिक निजी चार पहिया वाहन और बाकी टू व्हीलर शामिल है।

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय दिशा निर्देशों के मुताबिक देश में आयु पूरी कर चुके वाहनों को दोबारा फिटनेस टेस्ट पास करके दोबारा पंजीकरण कराकर उसे चलाने की मंजूरी है, मगर दिल्ली में यह लागू नहीं होता है, क्योंकि यहां सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रदूषण के चलते ईधन के हिसाब से वाहनों के आयु तय करके पाबंदी लगाई गई है। दिल्ली सरकार अब वाहनों के आयु के बजाए फिटनेस के आधार पर उसे लागू करना चाहती है। परिवहन विभाग के मुताबिक अगर कोई डीजल वाहन 10 साल का समय पूरा कर लेता है तो उसे अपना फिटनेस टेस्ट कराना होगा।
अगर वह उसमें पास होता है तो उसे उसपर दोबारा पंजीकरण शुल्क के बजाए ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा। उसके आधार पर उसे 15 साल तक चलाने की मंजूरी दी जाएगी। हालांकि यह कितना होगा यह सुप्रीम कोर्ट जाने व मंजूरी के बाद ही तय होगा। ग्रीन टैक्स के राजस्व का का प्रयोग पर्यावरण को बचाने के लिए किया जाएगा। दिल्ली में 10 व 15 साल की आयु पूरी कर चुके कुल वाहनों में महज तीन हजार वाहनों अपना स्क्रैप करा चुके है। दिल्ली सरकार ने चार से अधिक एजेंसियों को इसके लिए अधिकृत किया है। जहां पर पुराने वाहनों को स्क्रैप किया जा सकता है। 31 मई तक दिल्ली में 2879 से अधिक वाहन मालिकों ने अपने वाहन को स्क्रैप कराया है। बीते दिल्ली परिवहन विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी करके ऐसे वाहनों को स्क्रैप कराने की भी अपील की थी।












Click it and Unblock the Notifications