कोरोना महामारी में बीजेपी की DMC ने बढ़ाई ट्रेड लाइसेंस की दरें: सौरभ भारद्वाज
नई दिल्ली, 10 जून। आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी की वजह से जहां छोटे काम-धंधे बर्बाद हो गए हैं, वहीं भाजपा की दिल्ली नगर निगम ने ट्रेड लाइसेंस की दरें 17 गुणा तक बढ़ा दी हैं। केजरीवाल सरकार दिल्ली में बिना राशन कार्ड वालों को भी मुफ्त राशन बांट रही है जबकि भाजपा का नगर निगम लोगों को लूट रहा है। भाजपा शासित एनडीएमसी ने ट्रेड लाइसेंस की दरों में 17 गुना की बढ़ोतरी की है। ट्रेड लाइसेंस का शुल्क ए-बी श्रेणी के लिए 500 रुपये से बढ़ाकर 8625 रुपये कर दिया है।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने सी और डी श्रेणी के लिए ट्रेड लाइसेंस की दरें 500 रुपये से बढ़ाकर 5750 रुपए प्रति वर्ग मीटर कर दी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित ईडीएमसी ने ए-बी श्रेणी के ट्रेड लाइसेंस की दर 200 रुपये से बढ़ाकर तीन हजार और सी-डी श्रेणी के लिए ट्रेड लाइसेंस की दर 200 रुपये से बढ़ाकर 2 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी हैं। दिल्ली में सबसे ज्यादा एमसीडी लोगों को प्रभावित करती है। जब तक एमसीडी के अंदर सुधार नहीं होगा तब तक दिल्ली के अंदर सुधार होना बहुत कठिन है।
आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता को संबोधित किया। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हिंदुस्तान में पिछले एक डेढ़ साल में कोरोना की वजह से व्यापारी वर्ग और छोटे दुकानदारों का धंधा लगभग चौपट हो गया है। इन व्यापारियों को ना कोई पेंशन मिलती है और ना ही कोई प्रोविडेंट फंड होता है। सरकार की तरफ से उनका कोई बीमा भी नहीं कराया जाता है। सिर्फ छोटे काम धंधों से ही व्यापारियों-दुकानदारों को परिवार चलता हैं। मकान-दुकान के किराए से लेकर बच्चों की स्कूल फीस सहित उनका हर काम इन्हीं छोटे काम धंधों पर निर्भर होता है।
ऐसे समय में केजरीवाल सरकार लोगों की मदद करने की कोशिश कर रही है। निजी स्कूलों के अंदर वार्षिक शुल्क ना बढ़े इसको लेकर काम कर रही है। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनको भी आधार कार्ड के जरिए मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इसके अलावा बड़े-बड़े परोपकारी लोग राशन की किट बांट रहे हैं। दिल्ली सरकार स्कूलों के अंदर बच्चों को मिड डे मील कच्चे राशन के रूप में दे रही है। ऐसे समय में भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम चोरी-छिपे व्यापारियों को बड़ी यातना दे रहा है।
उन्होंने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि दिल्ली नगर निगम इस बेशर्मी पर भी आ सकता है। कोरोना के वक्त में मीडिया कर्मी कोरोना महामारी को कवर करने में व्यस्त थे। सरकारें लोगों की मदद करने में व्यस्त थीं। उस समय ईस्ट दिल्ली नगर निगम और नॉर्थ दिल्ली नगर निगम ने ट्रेड लाइसेंस की दरें बढ़ा दीं।
छोटे-बड़े सभी दुकानदारों को ट्रेड लाइसेंस एमसीडी से लेना पड़ता है और हर साल उसकी फीस देनी पड़ती है। ईडीएमसी और एनडीएमसी ने ट्रेड लाइसेंस के अंदर गजब की बढ़ोतरी की है। उत्तरी नगर निगम में सभी श्रेणियों के लिए पहले ट्रेड लाइसेंस का शुल्क 500 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से हुआ करता था। उसको बढ़ाकर अब 8625 कर दिया है, यानी कि 17 गुना ट्रेड लाइसेंस की फीस को बढ़ा दिया है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने ट्रेड लाइसेंस की दरें ए और बी श्रेणी के लिए बढ़ाकर 8625 रुपए प्रति वर्ग मीटर, सी और डी श्रेणी के लिए 5750 रुपए प्रति वर्ग मीटर कर दी हैं। विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ठीक इसी तरह से ईस्ट दिल्ली नगर निगम ने कोरोना महामारी के दौरान करीब 1 माह पहले ट्रेड लाइसेंस की दरें बढ़ा दी हैं। उस वक्त सभी लोग कोरोना महामारी से जूझ रहे थे।
ईडीएमसी में ए और बी श्रेणी के लिए ट्रेड लाइसेंस की दर 200 प्रति वर्ग मीटर थी जिसे बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया है, यानी कि 15 गुना बढ़ा दिया गया है। सी और डी श्रेणी की ट्रेड लाइसेंस की दरें 200 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 2 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर किया है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा शासित नगर निगम ने बड़े से लेकर छोटे दुकानदारों में से किसी को नहीं बक्शा है। ट्रेड लाइसेंस की दरों को चुपचाप से बढ़ाकर बैठ गए हैं। दुकानदार अब हाय हाय कर रहे हैं कि इनके साथ यह क्या हो गया है। जिस तरह से ट्रेड लाइसेंस की दरों को बढ़ाया गया है उसकी रिपोर्ट हमारे पास है। यह बहुत शर्म और दुख की बात है कि भाजपा शासित एमसीडी इस तरह के काम कर रही है। दिल्ली में सबसे ज्यादा एमसीडी लोगों को प्रभावित करती है। जब तक एमसीडी के अंदर सुधार नहीं होगा दिल्ली के अंदर सुधार होना बहुत कठिन है।












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