Women Empowerment: सिर्फ नारा नहीं है नारी सशक्तिकरण
Women Empowerment: देश के स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से लगातार दसवीं बार अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण की शुरुआत मणिपुर हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए स्त्रियों के साथ किए गए दुराचार की बात की। उन्होंने स्त्रियों के प्रति हर प्रकार के हिंसात्मक रवैये की निंदा की और इस दृष्टिकोण को बदलने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के आर्थिक उत्थान में स्त्रियों के योगदान के महत्व को समझाते हुए कहा- "मैं महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए माताओं, बहनों और बेटियों को धन्यवाद देना चाहता हूँ। मैं अपने देश की माताओं, बहनों और बेटियों को उनकी क्षमता के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ।" उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि महिलाओं के सहयोग के बिना सामाजिक और आर्थिक प्रगति असम्भव है।

प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप) के योगदान के महत्व को भी समझाया। उन्होंने यह भी कहा कि जी-20 देशों ने महिलाओं की अगुवाई में विकास हेतु भारत की सोच की प्रशंसा की है। विस्तार में बताते हुए उन्होंने कहा कि एक बार विदेश में उनसे पूछा गया कि क्या भारत में महिलाएं विज्ञान, तकनीकी आदि की पढाई करती हैं तो उन्होंने उत्तर में बताया कि आज भारतीय महिलाएं STEM अर्थात साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स की पढ़ाई में अव्वल हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप्स में लगभग 10 करोड़ सदस्य हैं। उनके ही शब्दों में- "आप जब गांव जाएंगे तो आपको वहां बैंकवाली दीदी, आंगनवाड़ी दीदी और दवाई वाली दीदी मिलेंगी। मेरा सपना है कि गांवों में 2 करोड़ लखपति दीदियां बनें।" ऐसा कहकर उन्होंने "लखपति दीदी" नाम से नयी योजना की घोषणा भी की। हालांकि 'लखपति दीदी' योजना कुछ राज्यों में पहले से ही लागू है। मोदी सरकार इसके तहत दो करोड़ महिलाओं को प्रशिक्षित करने की योजना बना रही है। महिलाओं को नलसाजी (प्लम्बर का काम), एलईडी बल्ब बनाने व ड्रोन के संचालन और मरम्मत जैसे कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने 15000 महिलाओं को सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर ड्रोन के प्रशिक्षण की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि-ड्रोन प्रदान करने के लिए एक योजना शुरू करेगी जिसके तहत इच्छुक महिलाओं को ड्रोन उड़ाने और उसकी मरम्मत करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में विकास के महत्व के बारे में अपने संबोधन में इस बात का भी ज़िक्र किया कि कैसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की महिला वैज्ञानिक चंद्रयान मिशन का नेतृत्व कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहाँ महिलाएं नहीं हैं। बैंक से लेकर आंगनबाड़ी तक वो हर जगह अपने योगदान से देश को सशक्त कर रही हैं।
ऐसा नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार लालकिले से अपने संबोधन में महिलाओं की शक्ति, समस्या, समाधान और योगदान की चर्चा की हो। पीएम मोदी हमेशा सरप्राइज एलिमेंट लेकर आते हैं। तीन साल पहले लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश के स्वास्थ्य को केंद्र में रखा था और किसी भी देश के प्रधानमंत्री ने शायद पहली बार स्त्रियों की माहवारी पर चर्चा की थी। भारत जैसे देश में जहां यह शब्द और प्रक्रिया टैबू हो वहाँ के प्रधनमंत्री द्वारा इस पर बात किया जाना एक मजबूत संदेश देती है। तब उन्होंने कहा था कि माहवारी के समय अपनाई जाने वाली स्वच्छ आदतें ही स्त्री के स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री ने भी हजार जन औषधि केंद्रों से लगभग 5 करोड़ के सेनिटरी पैड के वितरण की बात कही थी। इन पैडों का मूल्य मात्र एक रुपया ही था जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी इसकी उपलब्धता सहज रहे।
इसी तरह पिछले वर्ष भाषण के दौरान महिलाओं का ज़िक्र करते हुए वो बहुत भावुक भी हो गए थे। पीएम मोदी ने कहा था - "किसी न किसी वजह से हमारे अंदर यह सोच आ गई है कि हम अपनी वाणी से, अपने व्यवहार से, अपने कुछ शब्दों से महिलाओं का अनादर करते हैं." उन्होंने लोगों से रोजमर्रा की जिंदगी में महिलाओं को अपमानित करने वाली हर चीज से छुटकारा पाने का संकल्प लेने का आग्रह किया था। स्वतंत्रता संग्राम में लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई, रानी चेनम्मा, हज़रत बेगम के योगदान को भी उन्होंने लाल किले के प्राचीर से याद किया था।
पीएम मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण व्यापक बदलाव लाने में सफल हुए हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत आज देखा जाए तो लिंगानुपात बहुत बेहतर हुआ है। हालांकि इसका श्रेय मात्र इस सरकार को देना गलत होगा पर यह सच है प्रति 1000 पुरुष, 1020 महिलाओं के होने में इस सरकार ने सामाजिक चेतना जगाने का काम किया है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित में लड़कियों का नामांकन आज 43 प्रतिशत है, जो अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों से अधिक है। मुद्रा ऋण की 70 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं। इसी तरह, महिलाएं स्वनिधि के तहत बिना किसी जमानत के ऋण योजनाओं, पशुपालन, मत्स्यपालन, ग्रामीण उद्योग, एफपीओ की संवर्धन योजनाओं तथा खेल योजनाओं से भी लाभ उठा रही हैं।
गत वर्ष के आंकड़े के अनुसार पीएम आवास योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपये महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम है, क्योंकि तीन करोड़ से अधिक आवास महिलाओं के नाम पर हैं। पीएम आवास ने घरों के आर्थिक निर्णयों में महिलाओं को नई आवाज दी है। कम ब्याज दर पर मिलने वाले होम लोन, रजिस्ट्री में विशेष छूट और सब्सिडी महिलाओं को अधिक लाभ दे रहे हैं, इसलिए परिवार भी महिलाओं के नाम पर घर लेने में उत्साहित हो रहे हैं।
महिलाओं के स्व-सहायता समूहों ने 6.25 लाख करोड़ रुपये के ऋण लिए हैं जिसने देश भर में करोड़ों महिलाओं को उद्यमी बनाकर वित्तीय रूप से स्वतंत्र होने में सक्षम किया है। देश में 3.18 करोड़ सुकन्या समृद्धि योजना खाते खोले गए हैं जो बच्चियों के पढाई और विवाह के लिए माता पिता को बचत के लिए बढ़ावा देती है। महिलाओं के बीच वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए महिला सम्मान बचत प्रमाण पत्र को केंद्रीय बजट 2023-24 के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
वर्तमान में भारत में, महिलाओं के पास 12 मिलियन से अधिक एमएसएमई (लघु, मध्यम एवं कुटीर उद्योग) यूनिट का स्वामित्व और चलाने का अनुमान है। महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों का मालिकाना एमएसएमई इकाइयों में 20% से अधिक हिस्सा है। जमीनी स्तर के उद्यमों में भी महिलाओं का दबदबा है। उदाहरण के लिए, खादी ग्रामोद्योग के 4 लाख 90 हजार कारीगरों में 80% महिलाएं हैं।
मोदी सरकार में ही सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में सवैतनिक मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया। 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में अनिवार्य क्रेच सुविधा का प्रावधान, पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ रात की पाली में महिला कर्मचारियों को अनुमति देने आदि के प्रावधान को जोड़ा गया जिससे महिलाओं को मातृ रूप में भी कामकाजी बनने में सहायता मिल रही है।
एक आदिवासी समाज की महिला आज भारत की राष्ट्रपति हैं। निःसंदेह इसने देश और विदेश में एक सार्थक संदेश दिया है। 2014 से लेकर अब तक वित्त और विदेश मंत्रालय जैसे अति महत्वपूर्ण मंत्रालय नारी शक्ति को मिलने से यह साबित हुआ है कि नारी सशक्तिकरण मात्र एक नारा ही नहीं बल्कि वास्तविकता बन रहा है।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)
-
'मैं कुछ गलत नहीं करती', 54 साल की Hema का पब वीडियो वायरल, पुलिस की रेड में एक्ट्रेस को ये क्या हुआ? -
Ashok Kumar Mittal Caste: मिठाई वाले का बेटा कैसे बना AAP का नया डिप्टी लीडर? क्या है जाति? पत्नी-बच्चे कौन? -
Iran Donation Money: खामेनेई की मौत के बाद भारत में जुटाया गया मोटा चंदा क्यों ईरान नहीं जा सकता? क्या होगा? -
Ajay Devgn की जीप के सामने आया बच्चा, 15 Minute तक बीच सड़क पर 25 लोगों ने जमकर पीटा, क्या हुई बात? -
Sonali Bendre Caste: पंजाबी गोल्डी की आंखों में बसने वाली सोनाली बेंद्रे की क्या है जाति? -
Raghav Chadha:'परिणीति ने खत्म किया पति का करियर',अभिनेत्री पर क्यों भड़के लोग? क्या है PM मटेरियल वाली बात? -
Gold Rate Today: गुड फ्राइडे पर सोने में बड़ी गिरावट! ₹4245 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22K, 18K के रेट -
US-Israel-Iran War: Khamenei के सलाहकार Kamal Kharazi पर एयर स्ट्राइक, पत्नी की मौत, कितने हैं बच्चे? -
US Pilot कौन है, जिसे F-15E विमान मार गिराने के बाद ईरान की IRGC ने दबोचा? पेंटागन चुप क्यों? -
Ex IPS Shivdeep Lande: 'तुमने मुझे झकझोर दिया', कौन हैं लांडे? क्यों हुए बीवी के सामने नतमस्तक? -
AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से क्यों हटाया? किसे दी जगह? पार्टी की कोई नई रणनीति?- समझें -
LPG Price Today: आज फिर से बढ़े सिलेंडर के दाम? आपके शहर में क्या है एलपीजी का रेट?












Click it and Unblock the Notifications