5टी स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन: भविष्य की पीढ़ियां संवर रहीं हैं
ओडिशा सरकार 5टी प्रोग्राम से स्कूलों में बड़ा बदलाव ला रही है।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व में ओडिशा में शिक्षा के क्षेत्र में जारी बदलाव की प्रकिया को सभी पहचानने लगे हैं। यह सिर्फ शिक्षण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को विकसित करने की एक पहल नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति में इसे प्रतिबिंबित करने की एक पूजनीय कोशिश भी है। प्रयास है कि स्टूडेंट में छिपी हुई प्रतिभा को बाहर लाकर और उन्हें एक ऐसा माहौल दें, जिससे उनकी दक्षता विकसित हो, जिससे उन्हें खुद से ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने में मदद मिले।

यह 5टी पहल के तहत अपनाया जा रहा सिद्धांत है जो टेक्नोलॉजी, टीमवर्क, ट्रांसपरेंसी, टाइम और ट्रांसफॉर्मेशन पर जोर देता है। 5टी पहल के तहत हाई स्कूलों के बदलाव के पीछे का विचार मॉडर्न टेक्नोलॉजी और डिजिटल एवं स्मार्ट क्लास रूम, ई-लाइब्रेरी और प्रयोगशालाओं के साथ-साथ एक शिक्षाप्रद वातावरण वाले स्कूलों के बुनियादी ढांचे को विकसित करना है, जिससे सीखने की प्रक्रिया में सुधार हो। इस पथ-प्रदर्शक 5टी हाई स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम का एक अन्य पहलू पूर्व छात्रों, समुदाय और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को स्कूल के बुनियादी ढांचे के विकास में सक्रिय रूप से भागीदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त हाई स्कूल 5टी हाई स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम में चरणबद्ध तरीके से शामिल किए जाएंगे। पहले चरण में राज्यभर के 1,075 हाई स्कूलों की पहचान उनमें बदलाव लाने और विकास के लिए की गई है। बहुत ही कम समय में इस कार्यक्रम से न केवल स्कूलों में बदलाव आया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्टूडेंट में आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद भी मिली है। 5टी मॉडल के तहत बुनियादी ढांचे के विकास और बदलाव के लिए शैक्षिक प्रयास और कड़ी मेहनत सराहनीय है। हालांकि, स्वास्थ्य आज की प्राथमिकता है, लेकिन सरकार की ओर से शिक्षा को कभी भी कमतर विषय नहीं माना गया है।
पहले चरण में, स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत प्रत्येक स्कूल को, 45 लाख रुपये आवंटित किए जाते हैं, जिसमें सरकार की ओर से दान के रूप में मिले 15 लाख रुपये का अनुदान या संस्थाओं की ओर से मिला सहयोग भी शामिल है। सभी स्कूलों में पहले चरण के बुनियादी ढांचे के विकास का काम 14 नवंबर, 2021 तक पूरा कर लिया गया है। शैक्षिक विकास कार्यक्रम अगले तीन वर्षों तक जारी रहेगा। बदलाव के लिए यह बड़ा निवेश सुनिश्चित करेगा कि बेहतर सुविधाओं और नई इमारतों के साथ स्कूल भविष्य के लिए तैयार रहें, ताकि हर बच्चे को निखरने का मौका मिले। यह कदम गेम चेंजर है। वर्चुअल क्लासरूम और एसटीईएम आधारित विज्ञान प्रयोगशालाएं खासकर ग्रामीण छात्रों की सहायता करेंगे जिनके पास अबतक सुविधाओं की कमी थी। यह एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण घटक है जो छात्रों को वास्तविकता से परिचय कराएगा और उनके सपनों को प्राप्त करने में मदद करेगा। सरकारी स्कूल के छात्र निजी संस्थानों के छात्रों से कम नहीं होंगे। सभी स्कूलों को सिंगल डोमेन मोबाइल पोर्टल पर लाया जाएगा, जहां से छात्र अटेंडेंस, नोटिस, रिपोर्ट कार्ड, ट्रांसफर सर्टिफिकेट और बाकी कई दस्तावेज जैसी सेवाएं एकीकृत स्कूल लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम और डैशबोर्ड के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे।
कार्यक्रम के पहले चरण में 4,198 स्कूलों को 3,81,289 छात्रों के साथ यूनिफाइड लर्निंग मैनेजमेंट पोर्टल पर लाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सभी तरह की सेवाएं और सुविधाओं को छात्रों के करीब लाकर उनकी क्षमता को 80 फीसदी से ज्यादा बेहतर करना है। वे पूरी दुनिया में अपने समकक्ष छात्रों के बराबर सक्षम बनेंगे। स्मार्ट क्लासरूम और इंटरैक्टिव स्मार्टबोर्ड के साथ रुपांतरित स्कूलों के कक्षा 9 और 10 से जुड़े छात्र सीखने की एक अनोखी प्रक्रिया को समझने के योग्य होंगे।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के आदेश पर सीएम के सचिव (5टी) वीके पांडियन हाई स्कूलों के ट्रांसफॉर्मेशन कार्यों की प्रगति का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रगति की समीक्षा के लिए वे विभिन्न जिलों और स्कूलों का दौरा कर रहे हैं। वह विभिन्न मुद्दों पर जिला प्रशासनों, स्कूल समितियों, छात्रों और माता-पिता से भी चर्चा कर रहे हैं, जिससे विकास में सब शामिल रहें और यह समन्वित तरीके से आगे बढ़े। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पूरे ओडिशा में बदलाव की प्रक्रिया जारी है।
5टी स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम में शामिल स्कूलों में बुनियादी ढांचा, शिक्षा, सीखने की प्रक्रिया और अन्य संबंधित पहलुओं के तहत विकास का काम चल रहा है। स्कूलों को शिक्षा, खेल, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में खेल के बेहतर बुनियादी ढांचे और उपकरणों, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और इंटरैक्टिव विज्ञान केंद्रों के माध्यम से राज्य और देश को ख्याति दिलाने के लिए तैयार किया जा रहा है। 5टी पहल के फोकस का अन्य क्षेत्र, सभी फैकल्टी को प्रशिक्षण और एक्सपोजर देकर ज्यादा कुशल बनाना है।
तकनीकी प्रगति को ध्यान में रखकर छात्रों को 21वीं सदी की तरक्की, जैसे कि एमओ स्कूल प्रोग्राम के तहत कोड क्लब से परिचित कराया जा रहा है। 5टी स्कूल ट्रांसफॉर्मेंशन प्रोग्राम के तहत शिक्षकों को शैक्षणिक प्रबंधन में ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे वे क्यूरेटेड डिजिटल शैक्षिक सामग्री से अच्छी तरह अवगत होंगे और छात्रों को बेहतर शिक्षा दे सकेंगे। सही मायने में, ओडिशा एक ऐसी शैक्षिक प्रणाली पर काम कर रहा है, जो छात्रों को अपनी संभावनाओं, आंतरिक प्रतिभा, कौशल का प्रदर्शन करने और सकारात्मक परिणाम और सफलता लाने का अवसर प्रदान करेगी।
(लेखक- सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी और साइंस एंड टेक्नोलॉजी हैं और ओडिशा के मुख्यमंत्री के ओएसडी हैं। उनसे [email protected] के जरिए संपर्क किया जा सकता है )












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