बिगड़ैल औलादों ने खराब किया दो बड़े नेताओं का बुढ़ापा
Deve Gawda Family: उत्तर भारत में भाजपा के सांसद बृजभूषण सरन सिंह की बहुत चर्चा है| वह लंबे समय तक भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष थे, कई महिला पहलवानों ने आरोप लगाया कि उन्होंने उनका यौन शोषण किया| जांच चल रही है, मामला अदालत में है, भाजपा ने इस बार उनका टिकट काट दिया है|
दूसरी चर्चा दक्षिण भारत के कर्नाटक से आई है, जहां पूर्व प्रधानमंत्री हरदनहल्ली डोडेगौडा देवेगौडा का विधायक बेटा एचडी रेवन्ना और सांसद पोता प्रज्ज्वल रेवन्ना सेक्स स्कैंडल में फंस गए हैं| बिहार की लालू प्रसाद यादव की राजद और मुलायम सिंह यादव की सपा की तरह कर्नाटक में देवेगौड़ा की जेडीएस भी परिवार आधारित पार्टी है| ये तीनों ही पार्टियां जनता पार्टी से निकली हैं|

पिछले लोकसभा चुनाव में खुद पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौडा ने अपनी लोकसभा सीट अपने पोते प्रज्ज्वल रेवन्ना के लिए खाली की थी| लेकिन उनके विधायक बेटे और सांसद पोते ने उनका बुढापा खराब कर दिया| इससे पहले ऐसा ही जगजीवन राम के साथ हुआ था, जब उनके बेटे सुरेश कुमार ने उनका बुढापा खराब कर दिया था| एचडी देवेगौडा खुशनसीब हैं कि जब वह प्रधानमंत्री बने थे, तो उनका पोता सिर्फ 6 साल का था, इसलिए वह प्रधानमंत्री बन गए, लेकिन जगजीवन राम अपने बेटे सुरेश राम की ऐसी ही हरकतों की वजह से ही प्रधानमंत्री नहीं बन पाए थे|
अब जब जेडीएस के सांसद और हासन से जेडीएस के उम्मीदवार प्रज्ज्वल रेवन्ना के सेक्स वीडियो मार्केट में आ गए हैं तो जेडीएस को एनडीए में शामिल करके और कर्नाटक में सीट शेयरिंग करके भारतीय जनता पार्टी भी बुरी तरह फंस गई है| हालांकि भारतीय जनता पार्टी के नेता और वकील देवराज गौडा ने ही जनवरी 2024 में प्रज्ज्वल रेवन्ना के सेक्स वीडियोज का मुद्दा उठाया था|

उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र को उन वीडियोज के बारे में बता दिया था| उन्होंने उन सब वीडियो की पेन ड्राईव नत्थी करते हुए कोर्ट में केस दर्ज किया था, जिन्हें 26 अप्रेल को हासन लोकसभा सीट का चुनाव होने से कुछ दिन पहले कांग्रेस ने वायरल कर दिया| कांग्रेस के नेताओं का तो दावा है कि ये वीडियो कई महीनों से मार्केट में थे| सच यह है कि जून 2023 में ये वीडियो सोशल मीडिया पर दिखाई देने लगे थे और प्रज्ज्वल रेवन्ना ने इन वीडियो को फेक बताते हुए मीडिया के खिलाफ कोर्ट में केस भी दर्ज किया था|
भाजपा नेता देवराज गौड़ा लंबे समय से देवेगौड़ा परिवार से राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं| उन्हीं की चुनाव याचिका के चलते 2023 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रज्ज्वल रेवन्ना का लोकसभा के लिए निर्वाचन रद्द घोषित कर दिया था, लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया था| देवराज गौड़ा 2023 के विधानसभा चुनाव में प्रज्ज्वल रेवन्ना के पिता एचडी रेवन्ना के सामने होलनरसीपुर सीट से भाजपा के उम्मीदवार थे|
26 अप्रेल को हासन लोकसभा सीट का चुनाव हो जाने के अगले ही दिन प्रज्ज्वल रेवन्ना जर्मनी भाग गए, क्योंकि सिद्धारमैया सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है, जिससे उन्हें गिरफ्तारी का डर था| भारतीय जनता पार्टी ने प्रज्ज्वल रेवन्ना से पल्ला झाड़ लिया है, अपनी बदनामी से डर कर एचडी देवेगौड़ा ने भी प्रज्ज्वल रेवन्ना को पार्टी से निलंबित कर दिया है|
हासन सीट पर चुनाव से दो दिन पहले कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर पेन ड्राईव बांटे, जिनमें 2900 से ज्यादा सेक्स वीडियो थे| कहा जा रहा है कि रेवन्ना खुद ही यौन शोषण करते हुए वीडियो बनाता था| जिन्हें उसने एक पेन ड्राईव में रखा हुआ था| कहा जा रहा है कि प्रज्ज्वल रेवन्ना के साथ झगड़े के चलते उनके ड्राईवर ने मार्च 2023 में नौकरी छोड़ दी थी, वह सात साल से उनके साथ काम कर रहा था|
दिसंबर 2023 में ड्राईवर ने प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें कहा गया था कि रेवन्ना परिवार उसकी 13 एकड़ जमीन हथियाना चाहता था, जिसके लिए उन्होंने उसका और उसकी पत्नी का अपहरण कर लिया था| माना जा रहा है कि नौकरी पर रहते हुए प्रज्ज्वल के ड्राईवर ने ही उन वीडियो की कापी कर ली थी, और उसने ही ये वीडियोज भाजपा के नेता देवराज गौड़ा तक पहुंचाए थे|
वीडियो में दिखाई देने वाली एक महिला ने अब एक एफआईआर भी दर्ज करवाई है, वीडियो में वह रेवन्ना के सामने छोड़ देने के लिए गिडगिड़ा रही है| पेन ड्राईव में ऐसे कई वीडियोज हैं, और कई महिलाएं हैं, जिनके साथ रेप किया गया और उनके वीडियो बनाए गए| जिस महिला ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई है, उसने बताया है कि रेवन्ना ने उसे 2011 में घर पर काम करने के लिए रखा था, 2015 में रेवन्ना ने उसे एक होस्टल में कुक रखवा दिया|
2019 में अपने बड़े बेटे की शादी के बाद वह फिर से रेवन्ना के घर काम करने लगी| उसने बताया है कि पांच महीने बाद एचडी रेवन्ना ने उसका यौन शोषण शुरू कर दिया| कुछ दिन बाद प्रज्ज्वल रेवन्ना ने भी वही हरकतें शुरू कर दीं| उसने अपनी शिकायत में लिखा है कि प्रज्ज्वल अपनी तेल मालिश करवाने के लिए दूसरे नौकरों को अपनी बेटियों को लाने के लिए कहता था| प्रज्ज्वल उस महिला की बेटी को वीडियो कॉल करने लगा था, जब बात बेटी तक आने लगी, तो उस महिला ने नौकरी छोड़ दी|
अब इस बयान के बाद पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौडा का सांसद पोता प्रज्ज्वल ही नहीं, उनका विधायक बेटा एचडी रेवन्ना भी कटघरे में है| अब यह वैसा ही राजनीतिक सेक्स स्केंडल बन गया है, जैसा 1978 में जगजीवन राम के बेटे सुरेश कुमार का बना था, और अपने बेटे की करतूतों के कारण जगजीवन राम प्रधानमंत्री बनते बनते रह गए थे| जगजीवन राम कांग्रेस के ऐसे नेता थे, जो जवाहर लाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी तक की हर सरकार में मंत्री रहे थे| आपातकाल के बाद जब 1977 में लोकसभा चुनाव हो रहे थे, तो जगजीवन राम कांग्रेस छोड़कर बाहर आ गए थे, उन्होंने अपनी पार्टी कांग्रेस फार डेमोक्रेसी बना ली थी| चुनाव में इंदिरा गांधी हार गई, तो मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने, उन्होंने जगजीवन राम को अपना उप प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री बनाया था|
आपातकाल की सारी कहानी राज नारायण से शुरू हुई थी, जिन्होंने इंदिरा गांधी के मुकाबले चुनाव लड़ा था, और अदालत ने राज नारायण की याचिका पर इंदिरा गांधी का निर्वाचन रद्द कर दिया था| इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने से इंकार कर आपातकाल लगा दिया था| राज नारायण इस बात से खुश नहीं थे कि मोरारजी देसाई ने उन्हें महत्वपूर्ण मंत्रालय नहीं दिया|
जब मोरारजी देसाई को लगा कि राज नारायण कुछ ज्यादा ही खुराफातें कर रहे हैं, तो उन्होंने राजनारायण और चौधरी चरण सिंह को अपने मन्त्रिमंडल से निकाल दिया था| तब राज नारायण ने इंदिरा गांधी से मिल कर मोरारजी देसाई का तख्ता पलटने की योजना बनाई| अगर मोरारजी देसाई की सरकार गिरती तो जगजीवन राम प्रधानमंत्री बनते, लेकिन इमरजेंसी के बाद धोखा देकर विपक्ष के साथ चले जाने के कारण इंदिरा गांधी उन्हें कतई पसद नहीं करती थी|
इंदिरा गांधी और राज नारायण की योजना चौधरी चरण सिंह को प्रधानमंत्री बनवाने की थी| इस बीच राजनीतिक हलकों में यह फुसफुसाहट चल ही रही थी कि जगजीवन राम के बेटे सुरेश राम का दिल्ली यूनिवर्सिटी के सत्यवती कालेज की एक छात्रा के साथ रोमांस चल रहा है| उस लडकी का नाम था सुषमा| जैसे प्रज्ज्वल रेवन्ना को अपने सेक्स स्कैंडलों के वीडियो बनाने का शोक था, उसी तरह सुरेश राम को भी शोक था, लेकिन उन दिनों स्मार्ट फोन नहीं हुआ करते थे| पोलोराईड कैमरा जरुर हुआ करता था, जिससे बिना फोटो स्टूडियो गए फोटो की कॉपी निकल आती थी| सुरेश राम के पास सुषमा की ऐसी 40-50 तस्वीरें थीं|
जनता पार्टी के दो नेताओं ओम पाल और केसी त्यागी (अब जेडीयू के नेता) ने सुरेश राम का पीछा करना शुरू किया, और एक दिन सुरेश राम की कार से वे 40-50 तस्वीरें हासिल कर लीं| उन्होंने ये तस्वीरें राज नारायण को पहुंचाई, राज नारायण ने वे तस्वीरें संजय गांधी को पहुंचाई, संजय गांधी ने तस्वीरें अपनी मां इंदिरा गांधी को दीं| वे तस्वीरें कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड और मेनका गांधी की मैगजीन सूर्या इंडिया में छप गईं| इस तरह जगजीवन राम प्रधानमंत्री बनने की दौड़ से बाहर हो गए और जैसे ही मोरारजी सरकार गिरी, इंदिरा गांधी ने समर्थन देकर चरण सिंह को प्रधानमंत्री बनवा दिया था|
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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