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Congress: अपने नेताओं की हिंदू मुस्लिम राजनीति में उलझी कांग्रेस

मध्य प्रदेश के तीन वरिष्ठ नेताओं ने विधानसभा चुनावों से ठीक पहले अपनी पार्टी को हिन्दू-मुस्लिम विवाद में धकेल दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजीज कुरैशी ने राजीव गांधी के जन्मदिन पर विदिशा में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में कहा कि "मुसलमान कांग्रेस के गुलाम या बंधुआ मजदूर नहीं हैं, जो आदेशों के अनुसार काम करेंगे और आपको वोट देंगे। जबकि कांग्रेस सरकारों ने पुलिस, रक्षा बलों और बैंकों में उनको नौकरियां नहीं दीं। आज उनकी दुकानें, पूजा स्थल और घर जलाए जा रहे हैं, उनके बच्चे अनाथ हो रहे हैं, वे एक हद तक सहन करेंगे। वे कायर नहीं हैं, अगर यह सीमा पार कर गई, तो 22 करोड़ मुसलमानों में से एक या दो करोड़ को अपनी जान देने में कोई नुकसान नहीं होगा।"

याद कीजिए पाकिस्तान के निर्माण के लिए जिन्ना ने इसी तरह के डायरेक्ट एक्शन की कार्रवाई शुरू की थी, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। अब उसी तरह की धमकी कांग्रेस के एक ऐसे नेता ने दी है, जिसे कांग्रेस ने एमएलए, मंत्री, सांसद और राज्यपाल तक बनाया।

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अजीज कुरैशी उदारवादी मुसलमान माने जाते रहे हैं। जब वह उत्तराखंड के राज्यपाल थे, तब वह अक्सर भगवान राम की बात किया करते थे। जब उनका उत्तराखंड से मिजोरम में तबादला हुआ था, तब उन्होंने सतपाल महाराज के गंगा किनारे स्थित प्रेम नगर आश्रम में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि "हिन्‍दुस्‍तान भगवान राम की धरती है, इस्लाम के पैगंबर ने भी हिंदुस्‍तान को भगवान राम की धरती बताया है। भगवान राम का वजूद मनवाने के लिए किसी के आदेश की जरूरत नहीं है, विश्व में वे बदनसीब व्यक्ति हैं जो भगवान राम के वजूद को नहीं मानते हैं।"
उन्होंने यहां तक कहा था कि भगवान राम के आदर्शों को अपनाए बिना विश्‍व का कल्‍याण संभव नहीं है। लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें राज्यपाल पद से हटाया तब से उनके सुर ही बदल गए। वह पिछले सात आठ साल से हिन्दुओं के खिलाफ तल्खी भरे बयान दे रहे है।

दूसरी तरफ कमलनाथ फिर से मुख्यमंत्री बनने के लिए जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं। उन्हें पता है कि भाजपा के हिंदुत्व का मुकाबला करने के लिए उन्हें भी हिंदुत्व की लाईन अपनानी पड़ेगी। इसलिए वह भाजपा का मुकाबला करने के लिए भाजपाईयों से बड़े हिन्दू बनने की होड़ में लगे हैं। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र छिंदवाडा में धीरेन्द्र शास्त्री की कथा करवाई, जिन्होंने भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया हुआ है। वह खुलेआम भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करते हैं। उनकी हां में हां मिलाते हुए कमलनाथ ने भी कह दिया कि जिस देश में 82 प्रतिशत हिन्दू हैं, उसे कहने की क्या जरूरत है, वह तो हिन्दू राष्ट्र है ही।

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इसके बाद कमलनाथ के खिलाफ कांग्रेस में बवाल मच गया है। मध्यप्रदेश के ही पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य दिग्विजय सिंह ने खुल कर कहा कि जो संविधान की शपथ लेकर हिन्दू राष्ट्र की बात करता है, उसे तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। साफ़ है कि उन्होंने कमलनाथ पर हमला बोला है, जो केंद्र में मंत्री, राज्य में मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद अब भी संविधान की शपथ लेते हुए विधायक तो हैं ही।

अब उसके बाद अजीज कुरैशी का बयान आया है, जिन्होंने भाजपा के हिंदुत्व पर ही नहीं, बल्कि राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह के हिन्दुइज्म पर भी हमला बोल दिया। अजीज कुरैशी ने कहा कि "कांग्रेस के नेता अब हिंदुत्व के बारे में बात कर रहे हैं। वे 'जय गंगा मैया', 'जय नर्मदा मैया', 'गर्व से कहो हिंदू हैं' के नारे लगा रहे हैं, धार्मिक यात्राएं निकाल रहे हैं और मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मूर्तियां स्थापित कर रहे हैं, जो कि शर्मनाक हैं।"

इस तरह अजीज कुरैशी ने तो दिग्विजय सिंह और कमलनाथ दोनों पर हमला किया है। साथ ही इन दोनों पर हमला करते समय उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी लपेटे में ले लिया। दिग्विजय सिंह ने 2018 में लाव लश्कर के साथ 192 दिन तक 3300 नर्मदा परिक्रमा पदयात्रा की थी। इसी साल अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने नर्मदा के किनारे मां नर्मदा की आरती की थी, जहां जय मां नर्मदा के नारे लगे थे। राहुल गांधी ने पिछले साल हरिद्वार में हर की पेड़ी पर उत्तराखंड कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ गंगा आरती में भी हिस्सा लिया था, उस समय जय मां गंगा के नारे गूंज उठे थे।

यहां सबको आश्चर्यचकित कर देने वाली बात यह है कि कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और अज़ीज़ कुरैशी तीनों ही मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के राजनीतिक अनुयायी रहे हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस में जब शुक्ल खेमा और अर्जुन सिंह खेमा हुआ करता था, तो ये तीनों नेता अर्जुन सिंह कैंप में थे। तीनों ने राजनीतिक शिक्षा दीक्षा अर्जुन सिंह के चरणों में बैठ कर हासिल की थी।

इधर मुस्लिम परस्ती को लेकर दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले आचार्य प्रमोद कृष्णम भी इसी अर्जुन सिंह कैंप से जुड़े रहे हैं। वे अब खुल कर कह रहे हैं कि कांग्रेस ने हिन्दुओं की उपेक्षा की, इसलिए कांग्रेस की आज यह दशा हुई है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि मुस्लिमपरस्ती करने वालों और भारत के टुकड़े टुकड़े करने के नारे लगाने वालों को कांग्रेस की कार्य समिति का सदस्य बनाया जा रहा है, जबकि हिन्दुइज्म की बात करने वालों को किनारे किया जा रहा है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम का इशारा दिग्विजय सिंह और हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को कांग्रेस कार्यसमिति में शामिल किए जाने की ओर था। कन्हैया कुमार जब जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष थे, तो वहां अक्सर भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे लगा करते थे, ऐसे अनेक वीडियो मौजूद हैं, जिनमें वह खुद यह नारा लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

कन्हैया कुमार की पृष्ठभूमि कम्युनिस्ट पार्टी की है। जेएनयू से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद 2019 में सीपीआई की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने वाले कन्हैया कुमार पिछले साल ही सीपीआई छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। राहुल गांधी ने उन्हें कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई का इंचार्ज बना दिया। इस नाते अब वह कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य बन गए हैं।

(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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