Aliens in India: क्या भारत के लद्दाख में भी है एलियंस का अड्डा ?

नई दिल्ली, 06 जुलाई। अमेरिका और यूरोपीय देशों की तरह भारत में भी कई लोंगों ने एलियंस और यूएफओ देखने का दावा किया है। मान्यता के मुताबिक अंतरिक्ष में रहने वाले एलियन यूएफओ (उड़न तश्तरी) पर सवार हो कर धरती पर आते हैं। कहा जाता है कि एलियंस ने अपने यूएफओ को लैंड करने के लिए लद्दाख के कोंगका दर्रे में एक हवाईअड्डा बना रखा है। यह एक निर्जन इलाका है जहां कोई आता-जाता नहीं। सीमा विवाद के बावजूद भारत और चीन के सैनिक इस इलाके में नहीं जाते क्यों कि यहां एलियंस का एयरबेस है।

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दोनों देशों के सैनिक दूर से ही इस इलाके की निगरानी करते हैं। चर्चा के मुताबिक एलियंस हर महीने कोंगका दर्रा में आते हैं। हालांकि इस अवघारणा की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं की जा सकी है। 2006 में इस इलाके में यूएफओ देखने का दावा किय गया था। इससे संबंधित एक तस्वीर भी जारी हुई थी। लद्दाख का कोंगका दर्रा भारत-चीन सीमा पर वास्विक नियंत्रण रेखा के पास है। भारत में ऐसे कई पढ़े लिखे लोग भी हैं जिन्होंने अपनी आंखों से यूएफओ देखने का दावा किया है। एक मान्यता है कि एलियंस भारत में सात जगहों पर उतरे थे।

यूएफओ पर शोध

यूएफओ पर शोध

यूएफओ के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए एक अलाभकारी संस्था है जिसक नाम है मुचुअल यूएफओ नेटवर्क (MUFON) । इसका मुख्यालय अमेरिका के कैलिफोर्निया के न्यूपोर्ट बीच शहर में है। इसकी शाखाएं दुनिया भर में फैली हैं जिनसे करीब तीन हजार यूएफओ शोधकर्ता जुड़े हैं। चेन्नई की एक आइटी कंपनी में काम करने वाले सीनियर टेक्निकल इंजीनियर कुमारेसन रामनाथन भी MUFON से जुड़े हैं। 2012 में वे MUFON के अंतर्गत भारत के पहले प्रमाणित यूएफओ शोधकर्ता बने थे। रामनाथन का कहना है कि यूएफओ देखे जाने के सौ मामलों में 97 बनावटी या फर्जी होते हैं।

क्या कहना है भारत के शोधकर्ता का ?

क्या कहना है भारत के शोधकर्ता का ?

2014 में रामनाथन को 60 मामलों के अध्ययन की जिम्मेदारी दी गयी थी। जिनमें थाणे और बेंगलुरु की दो घटनाएं प्रमुख थीं। अक्टूबर 2014 की बात है। महाराष्ट्र के थाणे शहर में एक व्यक्ति करीब साढ़े चार बजे भोर में उठने के बाद खिड़कियों से आसमान की तरफ देख रहा था। अचानक उसने देखा कि आसामान में लाल, हरे और पीले रंग की समानांतर रेखाएं चमकने लगीं हैं। ऐसा कई मिनट तक हुआ। फिर उसने अपने मोबाइल से उस घटना की तस्वीर उतार ली। इसी तरह नवम्बर 2014 में बेंगलुरु में देखा गया था कि एक रहहस्यमय चीज आसमान में तेजी से घूम रही है। दावा किया गया था कि वह रहस्यमयी चीज करीब एक घंटे तक आसमान में घूमती रही थी। फिर इसके बाद अचानक अदृश्य हो गयी। इन दोनों घटनाओं का अध्ययन किया गया। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

क्या एलियंस अमेरिका के लिए खतरा हैं ?

क्या एलियंस अमेरिका के लिए खतरा हैं ?

यूएफओ देखे जाने की घटनाएं सबसे अधिक अमेरिका में क्यों हुई ? यह अवधारणा कोई रहस्य है या फिर किसी जासूसी अभियान का हिस्सा है ? अमेरिका यूएफओ या एलियंस से क्यों डरा हुआ है ? भारत में भी यूएफओ देखे जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं लेकिन भारत सरकार ने तो इस रहस्य को जानने के लिए अरबों खरबों रुपये पानी तरह नहीं बहाये ? क्या अमेरिका इसकी आड़ में कोई बड़ा हित साधना चाहता है ? 1997 में एक सामरिक अध्ययन में बताया गया था कि अमेरिका की जासूसी संस्था सीआइए 1940 से लेकर 1990 तक यूएफओ अनुसंधान अभियान से सीधे जुड़ी थी। सीआइए के जासूसों को लगता है कि एलियंस वैज्ञानिक रूप से अधिक शक्तिशाली हैं जो अमेरिका प्रभुत्व को खत्म कर देंगे। जेम्स वूलसे 1993 से 1995 तक सीआइए के डायरेक्टर थे। उन्होंने हाल ही में दिये गये एक साक्षात्कार में बताया है कि कैसे एलियंस ने 40 हजार फुट की ऊंचाई पर उनके लड़ाकू विमान को रोक दिया था। इसके बाद सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता बढ़ गयी थी। बराक ओबामा भी कह चुके हैं एलियंस अमेरिका के परमाणु मिसाइल वाली जगहों पर मंडरा चुके हैं।

क्या दूसरे विश्वयुद्ध में एलियंस भी शामिल थे ?

क्या दूसरे विश्वयुद्ध में एलियंस भी शामिल थे ?

ब्रिटेन के राष्ट्रीय अभिलेखागार ने 2010 में कुछ ऐसे दस्तावेज सार्वजनिक किये थे जो पहले प्रतिबंधित थे। इनमें से एक दस्तावेज में बहुत ही सनसनीखेज जानकारी दर्ज थी। इसमें जिक्र है कि ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल उड़न तश्तरियों के कारण बहुत डरे हुए थे। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटेन के रॉयल एयर फोर्स के लड़ाकू विमान की आसमान में उड़न तश्तरियों से भयंकर लड़ाई हुई थी। ब्रिटिश विमान को भाग कर बचना पड़ा था। चर्चिल इस बात से डर गये थे कि अगर इसकी जानकारी ब्रिटेन या मित्र देशों की सेना को मिली तो उनका मनोबल टूट जाएगा। इस लिए उन्होंने कहा था कि इस घटना की जानकारी 50 साल तक दफन रहनी चाहिए। प्राचीन वर्णनों में तो एलियंस को मानव का मित्र बताया गया है। लेकिन अब अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश इन्हें सुरक्षा के लिए खतरा बता रहे हैं। सच क्या है ? ये बात वैज्ञानिकों को भी नहीं मालूम।

(जारी है एलियंस की कहानी)

पार्ट एक और दो भी जरूर पढ़ें:

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