पश्चिम बंगाल में सीएम योगी आदित्यनाथ का चुनाव प्रचार भाजपा के लिए क्यों है इतना अहम?
कोलकाता। लोकसभा या प्रदेशों के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के लिए हिंदुत्व का मुद्दा वोट बैंक बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता रहा है। इस हिंदुत्व के मुद्दे को भुनाने के लिए पार्टी इन चुनावों में जिन बड़े चेहरों को प्रचार के लिए जनसभाओं में उतारती रही है, उनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले नंबर पर आते हैं। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भी सीएम योगी लगातार रैलियों को संबोधित कर रहे हैं। अपने भाषण में सीएम योगी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हैं, साथ ही वे धारा 370, राम मंदिर, घुसपैठियों की समस्या समेत अन्य मुद्दों पर बोलते हुए हिंदू वोटों को भाजपा के पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंकते हैं। पिछले चुनावों को देखें तो सीएम योगी का चुनाव प्रचार में उतरना भाजपा को सीटें जिताने में मददगार रहा है।

पश्चिम बंगाल का मालदा जिला मुस्लिम बहुल इलाका है जहां से योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के लिए चुनाव प्रचार की शुरुआत की। मालदा की 50 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है और घुसपैठ व शरणार्थी समस्या भी इस इलाके में है। 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन को पश्चिम बंगाल में सिर्फ तीन सीटों पर जीत हासिल हुई जिनमें मालदा का वैष्णव नगर सीट शामिल है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी मालदा उत्तर सीट पर भाजपा जीती थी। 2019 में हबीबपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भी भाजपा ने बाजी मारी थी। मुस्लिम बहुल इलाके में भाजपा की रणनीति यही है कि हिंदुत्व के मुद्दे पर वोटों के ध्रुवीकरण से पार्टी को फायदा मिल सकता है इसलिए सीएम योगी को यहां चुनाव प्रचार में लगाया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ के चुनाव प्रचार का असर पहले हुए चुनावों में भी देखा गया है। हैदराबाद नगर निगम चुनाव में सीएम योगी ने रोड शो कर प्रचार किया था। यहां भाजपा ने 48 सीटों पर जीत हासिल की थी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम यहां तीसरे नंबर पर रही थी। बिहार विधानसभा चुनाव में सीएम योगी ने चुनाव प्रचार कर 75 से ज्यादा सीटों पर जीत-हार के गणित को प्रभावित किया था। सीएम योगी ने जिन इलाकों में अपनी जनसभाएं की थी, उनमें भाजपा गठबंधन ने करीब 50 सीटों पर जीत हासिल की थी।
सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी आक्रामक भाषण शैली के लिए जाने जाते हैं। हिंदुत्व कार्ड को मजबूती से खेलने में माहिर नेता हैं और उनकी कट्टर छवि को भाजपा ध्रुवीकरण के लिए भुनाती रही है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव आठ चरणों में कराया जाएगा। 27 मार्च से 29 अप्रैल तक आठों चरणों की वोटिंग होगी। पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में उतरे योगी आदित्यनाथ का प्रचार भाजपा को तीन सीटों से ऊपर ले जाएगा कि नहीं, ये तो दो मई को होने वाली मतगणना के बाद ही पता चलेगा।












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